बता दें दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में स्थित दूसरे पुस्ता पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जों को हटाया।

अदालत के आदेश के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल की भारी तैनाती की गई।
कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, उस्मानपुर के दूसरे पुस्ता क्षेत्र में लंबे समय से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। इस मामले को लेकर संबंधित पक्षों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने जमीन को कब्जामुक्त कराने के निर्देश दिए।
अदालत के आदेश मिलने के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण की टीम ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इलाके में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। कार्रवाई के दौरान कई अस्थायी ढांचों और अवैध निर्माणों को हटाया गया।
सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
आपको बता दें अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। इलाके में किसी भी तरह के विरोध या तनाव की स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
सुबह से ही उस्मानपुर के दूसरे पुस्ता क्षेत्र में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई थीं। अधिकारियों की निगरानी में मशीनों और कर्मचारियों की मदद से अवैध निर्माणों को हटाने का काम किया गया।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई को लेकर इलाके के कुछ लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। उनका कहना है कि प्रशासन को पहले से पर्याप्त सूचना देनी चाहिए थी, ताकि वहां रहने वाले लोग अपनी वैकल्पिक व्यवस्था कर पाते।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान पूरी तरह से अदालत के आदेश के अनुसार चलाया गया है और इसका उद्देश्य सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराना है।
अवैध कब्जों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
वहीं दिल्ली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि जहां भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल उस्मानपुर के दूसरे पुस्ता क्षेत्र में प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखा गया है। यह कार्रवाई राजधानी में सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के व्यापक अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
