ईरान-इस्राइल युद्ध में तेज़ी : जहाँ एक तरफ ईरान-अमेरिका इजराइल युद्ध को लेकर ख़तम खरने की बात हो रही है वहीँ दूसरी और देखा जाए तो पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब और भी ज्यादा खतरनाक मोड़ ले चुका है। आपको बता दें Iran और Israel के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। बता दें ताज़ा घटनाओं में हवाई हमलों और जवाबी मिसाइलों के बीच आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं।

हवाई हमलों में एयरपोर्ट और रिहायशी इलाकों को बनाया निशाना
आपको बता दें हालिया हमलों में ईरान के खोर्रमाबाद हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने की खबर है। इसके साथ ही ईरान के कई रिहायशी क्षेत्रों पर भी बमबारी की गई, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में नागरिक इलाकों को भी बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे हैं। आपको बता दें कुछ स्थानीय संगठनों ने दावा किया है कि इन हमलों में आम लोगों की जान गई है और कई लोग घायल हुए हैं।
नागरिकों की सुरक्षा पर उठे सवाल
ईरानी राहत एजेंसियों ने नागरिक क्षेत्रों पर हमले को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि युद्ध के दौरान आम नागरिकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के पूरी तरह से खिलाफ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के हमले क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद को जन्म दे सकते हैं।
ईरान की जवाबी कार्रवाई: इस्राइल पर दागीं मिसाइलें
आपको बता दें ईरान ने भी जवाबी इस्राइल पर कई घातक मिसाइलें दागीं। Israel के कुछ इलाकों में नुकसान की खबरें सामने आई हैं, हालांकि इस्राइली रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों को हवा में ही रोकने का दावा किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ हमलों में विशेष प्रकार के हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे नुकसान का स्तर बढ़ गया।
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तेहरान में धमाकों से दहशत
ईरान की राजधानी Tehran में भी विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने की खबर सामने आई है। आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे शहर में भय का माहौल बन गया है।
किए गए इन हमलों पर कुछ विश्लेषकों का मानना है कि ये हमले हाल ही में दिए गए अल्टीमेटम और कूटनीतिक तनाव से जुड़े हो सकते हैं।
रणनीतिक ठिकानों पर भी हमले का दावा
इस्राइली सेना ने दक्षिण-पश्चिमी ईरान के शिराज क्षेत्र में एक ईरान के पेट्रोकेमिकल परिसर को भी निशाना बनाने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि ईरान का यह परिसर सैन्य उपयोग से जुड़े रसायनों के उत्पादन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह ईरान की सैन्य क्षमता पर सीधा प्रभाव डाल सकता है।
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क्यों बढ़ रहा है यह संघर्ष?
आपको एक युद्ध को रोकने का प्रयास किया जा रहा तो वहीँ दूसरी और युद्ध पिछले कुछ हफ्तों से Iran और Israel के बीच लगातार बढ़ रहा है। इस पूरे घटनाक्रम में United States की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह संघर्ष केवल दो देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है।
ईरान और इस्राइल के बीच जारी यह संघर्ष अब और गंभीर होता जा रहा है। हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस तनाव को कम कर पाते हैं या फिर यह संघर्ष और बड़े युद्ध का रूप लेता है।
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