तुर्कमान गेट बना छावनी:- देश की राजधानी दिल्ली के पुरानी दिल्ली इलाके में मंगलवार तड़के उस समय तनाव फैल गया, जब तुर्कमान गेट स्थित सैयद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची।

हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत की जा रही इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध किया, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े

देर रात शुरू हुई कार्रवाई, सुबह तक चला अभियान

जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई मंगलवार सुबह तड़के करीब 4 बजे शुरू की गई। एमसीडी की टीम भारी पुलिस बल की मौजूदगी में रामलीला मैदान के पास स्थित मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन पर पहुंची। यह जमीन कथित तौर पर लंबे समय से अतिक्रमण की चपेट में थी।

कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और उन्होंने डिमोलिशन का विरोध शुरू कर दिया। कुछ ही देर में हालात तनावपूर्ण हो गए और भीड़ के एक हिस्से ने पुलिस और एमसीडी की टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।

पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पथराव की घटना में कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, सभी की चोटें मामूली बताई जा रही हैं।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया जा सका।

पुलिस: उपद्रवियों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की

सेंट्रल रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशों के तहत की जा रही थी।

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उन्होंने कहा,

“अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्थरबाजी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। पुलिस ने संयम और न्यूनतम बल का इस्तेमाल करते हुए स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया। फिलहाल इलाके में शांति है।”

बरात घर, दुकानें और डिस्पेंसरी ध्वस्त

एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, मस्जिद के पास बने एक बरात घर के हिस्से, दो दुकानों और तीन डिस्पेंसरी को अवैध अतिक्रमण मानते हुए तोड़ा गया है।
कुल मिलाकर लगभग 36,400 वर्ग फुट क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया गया।

एमसीडी ने इस अभियान में 32 JCB मशीन, 4 पोकलेन, न्यूमेटिक हैमर और कई ट्रकों का इस्तेमाल किया।

MCD: मस्जिद की जमीन सुरक्षित है

दिल्ली नगर निगम के उपायुक्त विवेक अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि मस्जिद की मूल जमीन को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।
उन्होंने कहा,

“यह मामला लंबे समय से हाई कोर्ट में लंबित था। कोर्ट के आदेश के बाद ही यह कार्रवाई की गई है। मस्जिद के पास की वैध जमीन पूरी तरह सुरक्षित है। हमारी टीम को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा दी गई थी और किसी कर्मचारी को कोई चोट नहीं आई।”

हिरासत में लिए गए लोग, FIR दर्ज

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के DCP निधिन वलसन ने बताया कि पथराव में शामिल कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने कहा,

“करीब 150 लोग मौके पर जमा हो गए थे, जिनमें से 25–30 लोगों ने पत्थरबाजी शुरू की। हमने हालात संभालने के लिए बल प्रयोग किया। वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”

हाई कोर्ट में मामला विचाराधीन

इस बीच, सैयद फैज इलाही मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी, डीडीए, एलएंडडीओ, पीडब्ल्यूडी और दिल्ली वक्फ बोर्ड से जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने संबंधित पक्षों को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी।

पुराने विवाद और सुरक्षा चिंता भी बनी वजह

गौरतलब है कि नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए एक बड़े विस्फोट से पहले कथित हमलावर के इस इलाके में देखे जाने की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद से यह क्षेत्र सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में है।