स्नेहा डे की नई पहल:- फिटनेस और पोषण के क्षेत्र में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद स्नेहा डे ने महिलाओं के स्वास्थ्य और जागरूकता को लेकर एक नई पहल शुरू की है। उन्होंने ‘शी नॉरिशेज़’ (She Nourishes) नाम से एक मंच लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को प्रमाण-आधारित पोषण और स्वास्थ्यवर्धक व्यायाम के बारे में शिक्षित, प्रेरित और सशक्त बनाना है।

स्नेहा डे ने हाल ही में कल्याणी कैपाडिया से मानव प्रदर्शन पोषण (Human Performance Nutrition) का प्रमाण-पत्र प्राप्त किया। इसे उन्होंने अपने जीवन के सबसे गर्वपूर्ण पलों में से एक बताया।
अपने अनुभव साझा करते हुए स्नेहा ने कहा कि पोषण और स्वास्थ्यवर्धक व्यायाम की शिक्षा के दौरान उन्हें यह जानकर सोचने पर मजबूर होना पड़ा कि भारत में आज भी बहुत कम महिलाएं नियमित रूप से व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाती हैं। उनका मानना है कि सही पोषण और नियमित व्यायाम महिलाओं के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता में भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
महिलाओं के स्वास्थ्य को विज्ञान के नजरिए से समझने की पहल
स्नेहा डे का कहना है कि महिलाओं को अपने शरीर और स्वास्थ्य को बेहतर ढंग से समझने के लिए वैज्ञानिक जानकारी तक पहुंच मिलनी चाहिए। अपनी शिक्षा के दौरान उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन किया।
उन्होंने सही पोषण, शक्ति प्रशिक्षण, आयरन, विटामिन बी12 और फोलेट जैसे पोषक तत्वों की भूमिका को समझा। साथ ही स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी हासिल की।
उन्होंने बताया कि व्यायाम केवल शरीर के दिखावे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा, शारीरिक क्षमता, रिकवरी और संपूर्ण स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है।
दिल्ली में पढ़ाई और काम के साथ तय किया सफर
स्नेहा डे के लिए यह यात्रा आसान नहीं रही। दिल्ली में अकेले रहते हुए उन्होंने फिटनेस क्षेत्र में काम करने के साथ-साथ अपना व्यक्तिगत प्रशिक्षण डिप्लोमा और मानव प्रदर्शन पोषण की शिक्षा भी पूरी की।
उनका कहना है कि इस सफर ने उन्हें अनुशासन, दृढ़ संकल्प और लगातार सीखते रहने की ताकत दी। हर चुनौती उनके लिए रुकने की वजह नहीं बनी, बल्कि आगे बढ़ने की प्रेरणा बनी।
‘शी नॉरिशेज़’ के जरिए महिलाओं तक पहुंचेगा सही ज्ञान
अपने नए मंच ‘शी नॉरिशेज़’ के माध्यम से स्नेहा डे अधिक से अधिक महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक करना चाहती हैं। उनका उद्देश्य महिलाओं को अपने शरीर को समझने, विज्ञान के आधार पर सही निर्णय लेने और अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करना है।
स्नेहा का मानना है कि एक महिला जब आगे बढ़ती है और खुद को मजबूत बनाती है, तो वह दूसरी महिलाओं को भी आगे बढ़ने का साहस देती है।
उन्होंने कहा कि एक महिला के जीवन में शारीरिक, हार्मोनल, भावनात्मक और सामाजिक स्तर पर कई चुनौतियां आती हैं। मासिक धर्म चक्र और हार्मोनल बदलावों से लेकर शरीर को लेकर असुरक्षा और सामाजिक अपेक्षाओं तक, कई ऐसी परिस्थितियां होती हैं जिनका सामना महिलाएं अक्सर चुपचाप करती हैं। लेकिन ये चुनौतियां किसी भी महिला की क्षमता को निर्धारित नहीं करनी चाहिए।
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के11 अकादमी और शिक्षकों का जताया आभार
स्नेहा डे ने अपनी इस उपलब्धि के लिए कल्याणी कैपाडिया और अपने सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि के11 अकादमी से मिली शिक्षा और मार्गदर्शन ने उन्हें यह समझने में मदद की कि असली ताकत केवल शारीरिक नहीं होती, बल्कि ज्ञान, अनुशासन और आत्मविश्वास भी व्यक्ति को मजबूत बनाते हैं।
स्वास्थ्य ही असली दौलत
स्नेहा डे का कहना है कि उनका यह अभियान केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है। सही पोषण और नियमित व्यायाम हर व्यक्ति के जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। उनका मानना है कि स्वास्थ्य ही इंसान की सबसे बड़ी दौलत है।
‘शी नॉरिशेज़’ के साथ स्नेहा डे का उद्देश्य एक ऐसा मंच तैयार करना है, जहां लोग अपने स्वास्थ्य को समझें, सही जानकारी के आधार पर फैसले लें और एक मजबूत, स्वस्थ और आत्मविश्वास से भरा जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ें।
शी नॉरिशेज़ — आपका स्वास्थ्य। आपकी शक्ति। आपकी यात्र
