वाराणसी चुनाव में फर्जी वोटरों का सहारा:- कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी लोकसभा सीट पर जीत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि 2024 के आम चुनाव में वाराणसी समेत छह लोकसभा क्षेत्रों में ‘फर्जी मतदाताओं’ का इस्तेमाल कर परिणाम प्रभावित किए गए।

आपको बतादे गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के मीडिया विभाग प्रमुख पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जिन छह लोकसभा क्षेत्रों के आंकड़े सार्वजनिक किए, वे चुनाव आयोग से मिली सांठगांठ का प्रमाण हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आयोग के पास इलेक्ट्रॉनिक मतदाता सूची मौजूद है, तो कांग्रेस को यह सूची क्यों नहीं दी गई।
खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के खुलासे के तुरंत बाद आयोग ने उन्हें नोटिस भेजकर हलफनामा मांगा, लेकिन भाजपा नेता अनुराग ठाकुर के प्रेस कॉन्फ्रेंस के 24 घंटे से अधिक बीत जाने के बावजूद उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला।
क्या अब 2024 का लोकसभा चुनाव रद्द नहीं होना चाहिए?” – पवन खेड़ा
पवन खेड़ा ने जोर देकर कहा कि फर्जी मतदाता सूची की पुष्टि होने के बाद 2024 के लोकसभा चुनाव को निरस्त करने पर विचार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने रायबरेली, वायनाड, डायमंड हार्बर और कन्नौज लोकसभा सीटों पर मतदाता पंजीकरण में अनियमितताओं का हवाला देकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अभिषेक बनर्जी और अखिलेश यादव के इस्तीफे की मांग की थी, जबकि खुद भाजपा की जीत भी संदेह के घेरे में है।
भाजपा पर ‘वोट चोरी’ का आरोप
खेड़ा ने याद दिलाया कि 7 अगस्त को राहुल गांधी ने लोकसभा में ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद भाजपा ने अनुराग ठाकुर को प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए भेजा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा पेश किए गए आंकड़ों में यह साबित करने की कोशिश की गई कि कुछ क्षेत्रों में फर्जी मतदाता मौजूद थे और मतदाता सूची में गड़बड़ी थी।
चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल
कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा,
“राहुल गांधी के प्रेस के कुछ देर बाद ही नोटिस भेज दिया गया, लेकिन अनुराग ठाकुर के बयान पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमें बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े जुटाने में छह महीने लग गए, क्योंकि आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक मतदाता सूची उपलब्ध नहीं कराई। वहीं, ठाकुर को मात्र छह दिनों में छह लोकसभा सीटों के आंकड़े मिल गए।”
खेड़ा ने मांग की कि अनुराग ठाकुर द्वारा प्रस्तुत किए गए सबूत कांग्रेस को सौंपे जाएं, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने आरोप लगाया कि वाराणसी की इलेक्ट्रॉनिक मतदाता सूची मिलते ही यह साबित हो जाएगा कि मतगणना के दिन प्रधानमंत्री को ‘फर्जी मतदाताओं का बूस्टर डोज’ मिला और चुनाव परिणाम प्रभावित हुए।