Chamoli Cloudburst:- चमोली जिले के थराली तहसील में देर रात बादल फटने से भारी तबाही हुई है। टूनरी गदेरा और आसपास के क्षेत्रों में अचानक मलबा बहने से कई मकान, दुकानों और वाहन प्रभावित हुए हैं। तहसील परिसर और बाजार क्षेत्र में मलबा घुसने से लोगों में भय और दहशत का माहौल है।

चमोली के डीएम संदीप तिवारी ने बताया कि थराली बाजार, कोटदीप, राड़ीबगड़ और तहसील परिसर में मलबा घुसने से कई मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मलबे में कुछ गाड़ियां भी दब गई हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमें गौचर और ग्वालदम से तुरंत रवाना की गई हैं।

प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति गंभीर

थराली के राड़ीबगड़ में एक बरसाती गदेरा अचानक उफान पर आ गया, जिससे स्थानीय लोगों के घरों और दुकानों में मलबा घुस गया। एसडीएम का आवास भी मलबे की चपेट में आया, लेकिन एसडीएम और अन्य अधिकारी रात में सुरक्षित स्थान पर चले गए। सागवाड़ा गांव में एक व्यक्ति और 20 वर्षीय युवती के मलबे में दबने की खबर है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

सड़कों और यातायात पर असर

थराली-सागवाड़ा मार्ग और थराली-ग्वालदम मार्ग मिंग्गदेरा में बंद हो गए हैं। मलबे और टूट-फूट के कारण स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई वाहन मलबे के साथ बहकर सड़कों से लोगों के घरों तक पहुँच गए। प्रशासन ने तुरंत प्रभावित इलाकों में राहत कार्य और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

प्रशासन और राहत टीमें सक्रिय

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर पहुँच गई हैं। एनडीआरएफ, आईटीबीपी और एसएसबी की टीमें भी तत्काल राहत और बचाव कार्यों के लिए रवाना हुई हैं। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

स्कूलों में अवकाश

भारी बारिश और मलबे के खतरे को देखते हुए थराली, देवाल और नारायणबगड़ के सभी स्कूलों में आज अवकाश घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रतिक्रिया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन और राहत टीमों के साथ लगातार संपर्क में हैं और स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सभी के सकुशल होने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

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उत्तराखंड में मानसून की गतिविधियों के चलते यह क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है, और प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की चेतावनी दी है।