अखिलेश यादव ने शनिवार को में मीडिया से बातचीत करते हुए एक अहम राजनीतिक बयान दिया। सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अलग-अलग समय पर उनकी पार्टी ने औरों को प्रधानमंत्री बनाने के विचार का समर्थन किया था।

इस दौरान उन्होंने बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर की कीमतों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा।

नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनाने की बात

लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि जब गठन पहले हुआ था, तब विपक्षी दलों के बीच कई नामों पर चर्चा हो रही थी। उस समय समाजवादी पार्टी ने के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद के लिए समर्थन देने की इच्छा जताई थी।

अखिलेश यादव ने कहा कि उस समय विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए उनकी पार्टी ऐसे विकल्पों के लिए तैयार थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा लगता है कि भाजपा नीतीश कुमार को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ने देने के बजाय उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में ही राजनीतिक जीवन समाप्त करने की ओर ले जाना चाहती है।

2019 में मायावती को प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन

अखिलेश यादव ने अपने बयान में के समय बने और के गठबंधन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय अगर गठबंधन को पर्याप्त सीटें मिलतीं, तो समाजवादी पार्टी मायावती को प्रधानमंत्री बनाने के लिए तैयार थी।

उनका कहना था कि यह उदाहरण दिखाता है कि समाजवादी पार्टी विपक्षी दलों के साथ मिलकर काम करने और साझा नेतृत्व को स्वीकार करने की राजनीति में विश्वास रखती है।

फर्जी वीडियो फैलाने पर की जाएगी कार्यवाही

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में कई बार गलत सूचनाएं फैलती हैं और आयोग को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के खिलाफ फर्जी वीडियो फैलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों पर हमला

अखिलेश यादव ने बढ़ती महंगाई को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ता है।

उनका कहना था कि मौजूदा सरकार के दौरान महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब भाजपा सत्ता से बाहर जाएगी, तभी महंगाई में कमी आएगी।

विदेश नीति पर भी उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी प्रमुख ने भारत की विदेश नीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की विदेश नीति उस देश की सरकार को तय करनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में भारत की विदेश नीति पर बाहरी प्रभाव दिखाई दे रहा है, जो देश के हित में नहीं है।

समाजवादी पार्टी में शामिल हुए कई नेता

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक और राजनीतिक घटनाक्रम भी देखने को मिला। विभिन्न दलों से जुड़े कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

पार्टी नेताओं का कहना है कि नए लोगों के जुड़ने से संगठन को मजबूती मिलेगी और आने वाले चुनावों में पार्टी का आधार और मजबूत होगा।

निष्कर्ष

अखिलेश यादव के हालिया बयान से विपक्षी राजनीति और गठबंधन की रणनीति पर नई चर्चा शुरू हो गई है। मायावती और नीतीश कुमार जैसे नेताओं के लिए पहले समर्थन की बात कहकर उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि समाजवादी पार्टी सहयोग और साझा नेतृत्व की राजनीति में विश्वास रखती है। वहीं महंगाई, चुनावी पारदर्शिता और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर उनकी आलोचना से साफ है कि आने वाले समय में केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस और तेज होने वाली है।

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