इजरायल का बेरूत में बड़ा हमला : संघर्षविराम के बाद भी मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ता दिख रहा है। आपको बता दें इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में एक बड़े सैन्य अभियान का दावा करते हुए कहा है कि उसने हिज्बुल्लाह नेतृत्व से जुड़े एक अहम व्यक्ति को निशाना बनाया है।

इजरायल का बेरूत में बड़ा हमला

आपको बता दें यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में संघर्षविराम की कोशिशें जारी हैं, लेकिन जमीन पर हालात अब भी अस्थिर बने हुए हैं।

बेरूत हमले में हिज्बुल्लाह नेतृत्व को बड़ा झटका

आपको बता दें इजरायली सेना के अनुसार IDF, हाल ही में बेरूत में किए गए हवाई हमले में हिज्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम के करीबी सहयोगी और उनके निजी सचिव अली यूसुफ हर्शी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हर्शी न केवल संगठन के भीतर एक अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे, बल्कि वे कासिम के भरोसेमंद सलाहकार भी थे।

इजरायली द्वारा दिए गए बयान के मुताबिक, हर्शी संगठन के प्रशासनिक कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था में अपनी केंद्रीय भूमिका निभा रहे थे। उनकी मौत को हिज्बुल्लाह के लिए एक रणनीतिक नुकसान के रूप में देखा जा रहा है।

सीजफायर के बावजूद क्यों जारी हैं हमले?

हाल ही में आपको बता दें अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम समझौते की खबरों के बावजूद, लेबनान में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। सीजफायर के दौरान इजरायल का कहना है कि यह समझौता लेबनान में उसकी सैन्य कार्रवाई पर लागू नहीं होता।

विश्लेषकों के अनुसार, इजरायल का मुख्य लक्ष्य लेबनान में चल रहे सक्रिय हिज्बुल्लाह नेटवर्क को पूरी तरह से कमजोर करना है। इसी रणनीति के तहत हाल के दिनों में हवाई और जमीनी दोनों स्तर पर अभियान तेज किए गए हैं।

यह भी पढ़ें : US-Iran Ceasefire: इंटरव्यू में ट्रंप के बड़े दावे, चीन की भूमिका पर मुहर और भविष्य की जंग पर संकेत

संघर्ष की पृष्ठभूमि और बढ़ता तनाव

आपको बता दें मौजूदा टकराव की जड़ें हाल के घटनाक्रमों में छिपी हैं। ईरान में तनाव उस समय और बढ़ गया जब ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई, जिसके बाद हिज्बुल्लाह के एक बड़े नेटवर्क ने इजरायल पर हमले कई मिसाइल हमले किए। इसके जवाब में इजरायल ने लेबनान में व्यापक सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक 1500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिससे मानवीय संकट भी गहराता जा रहा है।

हिज्बुल्लाह का जवाबी हमला

आपको बता दें हाल ही में इजरायल द्वारा किए गए ताजा हमलों के बाद हिज्बुल्लाह ने भी अपनी जवाबी कार्रवाई की है। संगठन ने दावा किया है कि उसने उत्तरी इजरायल के कुछ इलाकों को निशाना बनाते हुए रॉकेट दागे।

हिज्बुल्लाह का कहना है कि यह कार्रवाई संघर्षविराम के कथित उल्लंघन के जवाब में की गई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि वह लेबनान पर हो रहे हमलों का जवाब देने का अधिकार रखता है।

यह भी पढ़ें : ईरान पर ट्रंप की सख्त चेतावनी से बढ़ा तनाव: ‘एक रात में खत्म’ बयान पर तेहरान का पलटवार

क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा

हिंसा बिल्कुल भी कम या ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही आपको बता दें लगातार बढ़ती हिंसा ने पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात इसी तरह से और बिगड़ते रहे, तो यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।

साथ ही इस मामलों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।

बेरूत में हुआ यह ताजा हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का संकेत है। हिज्बुल्लाह के प्रमुख सहयोगी की मौत से जहां संगठन को झटका लगा है, वहीं जवाबी हमलों ने हालात को और जटिल बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस संघर्ष को रोक पाते हैं या क्षेत्र और गहरे संकट में फंसता चला जाएगा।

सभी ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए JKS TV NEWS के Facebook, WhatsApp और Telegram चैनल को अभी ज़रूर जॉइन करें।