दक्षिणी दिल्ली में ड्रग तस्करी को लेकर एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा हुआ है, जहां आरोपी बेहद चालाकी से आम खाने-पीने की चीज़ों का इस्तेमाल कर नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। आपको बता दें दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने इस नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो कैब सेवा की आड़ में एमडीएमए जैसे खतरनाक ड्रग्स की डिलीवरी करते थे

गुप्त सूचना से शुरू हुई कार्रवाई
आपको बता दें दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम को 12 अप्रैल की रात एक अहम सूचना मिली थी, जिसमें बताया गया था कि दक्षिणी दिल्ली में एक संगठित गिरोह एमडीएमए ड्रग्स की सप्लाई कर रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छतरपुर के हरगोविंद एन्क्लेव इलाके में टीम के साथ छापेमारी की।
एसीपी स्तर की निगरानी में गठित टीम ने इलाके में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और एक टैक्सी को रोककर जांच की। इस दौरान एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
कैब में चल रहा था ड्रग्स का नेटवर्क
आपको बता दें गिरफ्तार आरोपी की पहचान कालकाजी निवासी दीपक कुमार के रूप में हुई है। जांच के दौरान उसके पास से 25 एक्स्टसी गोलियां और करीब 14.95 ग्राम एमडीएमए बरामद किया गया। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो सामने आया कि वह इस पूरे नेटवर्क में एक कूरियर के तौर पर काम कर रहा था।
आपको बता दें दीपक की निशानदेही पर पुलिस ने दूसरे आरोपी मोहम्मद फरहान उर्फ सनी को साकेत इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, फरहान इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक था और डिलीवरी आधारित ड्रग सप्लाई सिस्टम चला रहा था।
यह भी पढ़ें : सत्याग्रह एक्सप्रेस में छिपी शराब का बड़ा खुलासा: ट्रेन की छत से गिरीं बोतलें, बिहार में शराबबंदी पर उठे सवाल
मैगी पाउच में छिपाकर करते थे सप्लाई
सबसे चौकाने वाली बात यह रही आपको बता दें यह आरोपी ड्रग्स को मैगी जैसे आम खाद्य पैकेट में छिपाकर ग्राहकों तक पहुंचाते थे। इस तरीके से पुलिस या किसी अन्य एजेंसी को शक होना मुश्किल हो जाता था।
फरहान दिन के समय अपनी वैगन-आर कार को सामान्य कैब की तरह इस्तेमाल करता था, जबकि रात के समय उसी गाड़ी का उपयोग ड्रग्स की डिलीवरी के लिए करता था। इसके अलावा, उसने कुछ कैब चालकों को भी इस काम में शामिल कर रखा था, जो कूरियर ब्वॉय की तरह ग्राहकों तक माल पहुंचाते थे।
पहचान छिपाने के लिए बदलते थे सिम और लोकेशन
आपको बता दें पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ये आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए लगातार मोबाइल फोन, सिम कार्ड और लोकेशन बदलते रहते थे। इससे उन्हें ट्रैक करना काफी मुश्किल हो जाता था और वे लंबे समय से पुलिस की नजरों से बचते आ रहे थे।
विदेशी कनेक्शन भी आया सामने
आपको बता दें पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी एमडीएमए ड्रग्स एक अफ्रीकी नागरिक से खरीदते थे। पुलिस ने उस संदिग्ध की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
बरामदगी और आगे की जांच
आपको बता दें पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से कुल ;लाभाग 19.15 ग्राम एमडीएमए, 29 एक्स्टसी पिल्स और एमडीएमए क्रिस्टल बरामद किए हैं। फिलहाल दोनों से गहन पूछताछ जारी है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चैन का पता लगाया जा सके।
यह भी पढ़ें : लश्कर की बड़ी साजिश नाकाम: दिल्ली पुलिस ने 10 दिन के सीक्रेट ऑपरेशन में 8 संदिग्ध दबोचे
दिल्ली में सामने आया यह मामला बताता है कि ड्रग तस्कर अब कितनी चालाकी और नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आम दिखने वाली चीज़ों के जरिए अवैध गतिविधियों को अंजाम देना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से इस नेटवर्क का खुलासा हो सका, लेकिन इस तरह के मामलों में लगातार निगरानी और सख्त कदम उठाने की जरूरत बनी हुई है।
सभी ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए JKS TV NEWS के Facebook, WhatsApp और Telegram चैनल को अभी ज़रूर जॉइन करें।
