अगर आप भी चिकन को इस तरह से पकाकर खाते हैं तो आपको खतरानाक साबित हो सकता है आपको बता दें किचन में चिकन पकाने से पहले चिकन को अच्छे से धोना कई घरों में एक आम आदत है।

चिकन धोकर पकाना बन सकता है खतरनाक

लेकिन क्या यह आदत आपकी सेहत के लिए जोखिम भरी हो सकती है? दुनियाभर में इस मुद्दे पर बहस जारी है, जहां एक तरफ लोग इसे साफ-सफाई का हिस्सा मानते हैं, वहीं वैज्ञानिक इसे खतरनाक बताते हैं। हाल ही में हुए शोध और विशेषज्ञों की राय इस सवाल पर नई रोशनी डालते हैं।

क्या चिकन धोना सही है या गलत?

जब हम मार्किट से जाकर चिकन लाते हैं तो आमतौर पर हम उसे घर पर लाकर सबसे पहले धोते हैं अच्छे से साफ़ करते हैं लेकिन आपको बता दूँ कई देशों में खाद्य सुरक्षा एजेंसियां साफ तौर पर सलाह देती हैं कि कच्चे चिकन को धोना बिल्कुल भी नहीं चाहिए। उनका मानना है कि ऐसा करने से बैक्टीरिया फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

हालांकि, एशिया, अफ्रीका, कैरेबियन और दक्षिण अमेरिका जैसे क्षेत्रों में चिकन धोना एक पुरानी परंपरा है। यहां लोग इसे साफ और सुरक्षित भोजन तैयार करने का जरूरी हिस्सा मानते हैं।

चिकन धोने से क्यों बढ़ता है खतरा?

आपको बता दें कच्चे चिकन में कैंपिलोबैक्टर और सैल्मोनेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जो फूड पॉइजनिंग का गंभीर कारण बन सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, जब चिकन को नल के नीचे धोया जाता है, तो पानी की बारीक बूंदें हवा में फैलती हैं। ये बूंदें किचन के सिंक, प्लेटफॉर्म और आसपास रखे अन्य खाने पर गिरकर बैक्टीरिया फैला सकती हैं।

एक प्रयोग में यह पाया गया कि चिकन धोने के दौरान बैक्टीरिया केवल सिंक तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सलाद, सब्जियों और किचन के अन्य हिस्सों तक पहुंच जाते हैं। यही प्रक्रिया “क्रॉस कंटैमिनेशन” कहलाती है, जो गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है।

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कैंपिलोबैक्टर और सैल्मोनेला कितने खतरनाक हैं?

Campylobacter infection और Salmonella infection दोनों ही बैक्टीरिया इंसानों में पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा करते हैं।

आपको बता दें विश्व स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कैंपिलोबैक्टर दुनिया में डायरिया के प्रमुख कारणों में से एक है। इसकी बहुत ही छोटी मात्रा भी संक्रमण फैलाने के लिए पर्याप्त होती है।

इन बैक्टीरिया का मुख्य स्रोत अक्सर मुर्गियों की आंतें होती हैं, जो प्रोसेसिंग के दौरान मांस की सतह तक पहुंच जाते हैं।

संक्रमण के लक्षण क्या होते हैं?

अब समझते हैं आखिर इन बैक्टीरिया से संक्रमित होने पर 2 से 5 दिनों के भीतर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। आम लक्षणों में शामिल हैं:

  • दस्त (कभी-कभी खून के साथ)
  • पेट दर्द और ऐंठन
  • बुखार
  • उल्टी और जी मिचलाना
  • सिरदर्द

बच्चों और बुजुर्गों में यह संक्रमण ज्यादा गंभीर हो सकता है। कुछ मामलों में लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्याएं भी बनी रह सकती हैं।

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चिकन क्यों धोते हैं?

आपको बता दें दुनिया के कई हिस्सों में चिकन धोना सिर्फ आदत नहीं बल्कि संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कई लोग मानते हैं कि बिना धोया चिकन “गंदा” होता है।

कुछ लोग चिकन को नींबू या सिरके के साथ धोते हैं, जबकि कुछ इसे कटोरे में साफ करते हैं। उनका मानना है कि इससे चिकन ज्यादा साफ और सुरक्षित बनता है।

हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि इन तरीकों से बैक्टीरिया पूरी तरह खत्म नहीं होते।

क्या है चिकन पकाने का सही तरीका?

विशेषज्ञों के अनुसार, चिकन को सुरक्षित बनाने का सबसे प्रभावी तरीका है उसे अच्छी तरह पकाना।

  • चिकन को धोने से बचें
  • पकाने से पहले हाथ और बर्तन साफ रखें
  • कच्चे चिकन को अन्य खाद्य पदार्थों से अलग रखें
  • चिकन को पूरी तरह पकाएं ताकि सभी बैक्टीरिया नष्ट हो जाएं

बदलती सोच और जागरूकता

हाल के वर्षों में खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अभी भी पारंपरिक आदतों को बदलना आसान नहीं है। कई लोग वैज्ञानिक सलाह और अपनी सांस्कृतिक मान्यताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

चिकन धोना भले ही साफ-सफाई का हिस्सा लगता हो, लेकिन यह आदत आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकती है। वैज्ञानिक स्पष्ट रूप से सलाह देते हैं कि कच्चे चिकन को धोने से बचना चाहिए और उसे सही तरीके से पकाना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

आखिरकार, किचन में छोटी-छोटी सावधानियां ही बड़े स्वास्थ्य जोखिमों से बचा सकती हैं।

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