भारत में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन:- देश में ऑनलाइन गेमिंग की लत से लगभग 45 करोड़ लोगों को बचाने के उद्देश्य से लोकसभा ने बुधवार को पदोन्नति और नियमन ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 को पारित कर दिया। इस कानून के लागू होने के बाद पैसे से जुड़े सभी ऑनलाइन गेमिंग एप्स पर प्रतिबंध होगा। इसका मतलब है कि यूजर्स अब गूगल प्ले स्टोर और अन्य प्लेटफॉर्म से पैसे वाले गेम डाउनलोड नहीं कर पाएंगे।

बिल को संसद में पेश किया गया और विपक्षी सदस्यों के नारेबाजी के बावजूद इसे बिना लंबी बहस के पारित कर दिया गया। विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण पर चर्चा करने की मांग की थी, लेकिन पारित प्रक्रिया प्रभावित नहीं हु
ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े सामाजिक और आर्थिक संकट
सरकार का मानना है कि पैसों से जुड़े ऑनलाइन गेम्स के कारण हर साल देशवासियों को लगभग 20,000 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होता है। यह नुकसान केवल पैसों तक सीमित नहीं है; इससे मानसिक दबाव, तनाव और सामाजिक जीवन पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। कई परिवारों की जीवन भर की बचत ऑनलाइन गेम्स में चली गई है और कुछ मामलों में आत्महत्या की घटनाएँ भी सामने आई हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा है, न कि राजस्व की चिंता। उनका कहना है कि ऑनलाइन मनी गेमिंग लोगों को ड्रग्स की तरह प्रभावित करता है और यह गंभीर सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे नई बीमारी के रूप में वर्गीकृत किया है, जिसे गेमिंग डिसऑर्डर कहा जाता है। इसके लक्षणों में चिंता, अवसाद, नींद की समस्या, सामाजिक अलगाव और तनाव शामिल हैं, जो व्यक्ति के पारिवारिक और सामाजिक जीवन में गंभीर व्यवधान पैदा करते हैं।
ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने स्पष्ट किया कि बिना पैसे वाले गेम्स, जैसे ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा मिलेगा। ये गेम्स केवल मनोरंजन नहीं हैं, बल्कि मानसिक विकास, रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता को भी बढ़ावा देते हैं।
सरकार इस विषय पर निगरानी और नियंत्रण के लिए एक विशेष प्राधिकरण बनाएगी। यह प्राधिकरण सभी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की गतिविधियों की समीक्षा करेगा और उचित नियमों व योजनाओं का निर्माण करेगा। जिन गेम्स को सुरक्षित और जिम्मेदार पाया जाएगा, उन्हें कानूनी मान्यता दी जाएगी और उनका विकास प्रोत्साहित किया जाएगा।
कानूनी प्रावधान और सजा
नए कानून के तहत सिर्फ गेम खेलने वालों को सजा नहीं होगी। सख्त दंड उन लोगों के लिए निर्धारित है जो पैसे वाले गेमिंग एप्स संचालित या प्रमोट करेंगे:
- पैसे वाले गेम्स संचालित करने पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और 3 साल की जेल।
- गेमिंग एप का विज्ञापन करने वाले सितारों को 2 साल की जेल और 50 लाख रुपये का जुर्माना।
- बार-बार अपराध करने पर 3–5 साल की जेल और 2 करोड़ रुपये तक का जुर्माना।
इसके अलावा, वित्तीय संस्थानों को इन गेम्स में लेन-देन करने से रोका जाएगा। ऑनलाइन सट्टेबाजी, फैंटेसी गेमिंग, पोकर, रम्मी और ऑनलाइन लॉटरी जैसे पैसे वाले गेम्स पूरी तरह गैरकानूनी होंगे।
आर्थिक दृष्टिकोण
हालांकि सरकार ने 2023 में पैसे वाले ऑनलाइन गेम्स पर 28% GST लगाया था, लेकिन नए कानून से होने वाले राजस्व नुकसान की कोई चिंता नहीं है। सरकार का कहना है कि ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा देने से नई नौकरियाँ और रोजगार उत्पन्न होंगे।
मंत्री वैष्णव ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को पहले भी निर्देश दिए गए थे कि वे गेमिंग के माध्यम से होने वाली सट्टेबाजी को रोकें, लेकिन कंपनियों की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए।
उदाहरण के तौर पर, क्रिकेट आधारित ऑनलाइन गेम्स को करीब 20 करोड़ लोग खेलते हैं, जो देश में शेयर बाजार में शामिल खुदरा निवेशकों की संख्या से कहीं ज्यादा है। यह दिखाता है कि ऑनलाइन गेमिंग का आकर्षण और पहुंच कितनी व्यापक है।
गेमिंग पर नजर रखने और समाज की सुरक्षा
सरकार का कहना है कि नए कानून के लागू होने से ऑनलाइन गेमिंग पर पूरी तरह नियंत्रण और निगरानी संभव होगी। राज्य सरकारों को इसकी अमलदारी की जिम्मेदारी दी जाएगी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा,
“हमने देखा है कि ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण मध्यम वर्गीय परिवारों को अपनी जीवन भर की बचत गंवानी पड़ी है। आत्महत्या के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे गेम्स समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं।
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निष्कर्ष
नए कानून के लागू होने के बाद देश में पैसे वाले ऑनलाइन गेमिंग एप्स पर पूरी तरह प्रतिबंध होगा। हालांकि ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा मिलेगा, जो मनोरंजन के साथ-साथ मानसिक विकास और नई नौकरियों के अवसर भी प्रदान करेंगे।
वर्तमान में, नए कानून के लागू होने तक मौजूदा गेमिंग व्यवस्था जारी रहेगी। इसका उद्देश्य समाज और युवा वर्ग को ऑनलाइन गेमिंग की लत से बचाना है।