Fake branded shoes: दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में चल रही एक फैक्ट्री ने अंतरराष्ट्रीय बड़े ब्रांड्स के नाम एक ऐसा कारोबार खड़ा कर लिया, जिसकी भनक अभी तक किसी को भी नहीं थी। बाहर से सामान्य दिखने वाली यह यूनिट, असल में बड़े पैमाने पर नकली ब्रांडेड जूतों का बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रही थी। जब क्राइम ब्रांच की टीम ने यहां छापा मारा, तो फैक्ट्री के अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

Fake branded shoes

छापेमारी में क्या-क्या मिला

आपको बता दें दिल्ली पुलिस के अनुसार, अंबे एन्क्लेव इलाके में स्थित इस अवैध रूप से चल रहे यूनिट से 10 हजार से अधिक डुप्लीकेट ब्रांडेड जूते और उनसे जुड़ा कच्चा माल बरामद किया गया है। जांच में सामने आया कि यहां Nike, Adidas, New Balance और Skechers जैसे नामी अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के नकली जूते तैयार किए जा रहे थे।

आपको बता दें मौके से इस भारी मात्रा में मशीनरी भी मिली, जिनका इस्तेमाल इस फैक्ट्री के लोग ब्रांड लोगो छापने और जूतों को फिनिशिंग देने में किया जा रहा था।

जब गुप्त सूचना ने खोला पूरा राज

क्राइम ब्रांच की टीम को 28 जनवरी 2026 के दिन एक गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एक फैक्ट्री से बड़े पैमाने पर नकली ब्रांडेड फुटवियर बाजार में उतारे जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने संबंधित कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर छापेमारी की योजना बनाई।

रेड के दौरान फैक्ट्री से यह सामान मिलें

  • 6 हैवी हीटिंग प्रेस मशीन
  • 9 प्रिंटिंग स्क्रीन
  • 131 डाई (ब्रांड लोगो छापने के लिए)
  • 6 पीवीसी रोल
  • 9,616 जूतों के अपर पार्ट्स
  • 1,667 ब्रांडेड स्टिकर शीट्स

बरामद की गईं।

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कौन है फैक्ट्री का मालिक

वहीँ आपको बता दें दिल्ली पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री संचालक 44 वर्षीय संदीप सिंह को गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का रहने वाला है और करीब 25 साल पहले दिल्ली आया था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि संदीप सिंह ने अपने करियर की शुरुआत चावड़ी बाजार की एक प्रिंटिंग प्रेस से की थी, जहां उसने प्रिंटिंग का काम सीखा। बाद में उसने खुद का प्रिंटिंग कारोबार शुरू किया और धीरे-धीरे इसी अनुभव का इस्तेमाल कर नकली जूतों की फैक्ट्री खड़ी कर ली।

पूरी तरह अवैध था कारोबार

दिल्ली पुलिस का साफ़ कहना है कि यह यूनिट बिना किसी वैध अनुमति के चलाई जा रही थी। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कॉपीराइट उल्लंघन से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

अब किस दिशा में जांच

क्राइम ब्रांच अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तैयार माल कहां-कहां सप्लाई किया जा रहा था, और इस अवैध धंधे में आरोपी के अलावा और कौन-कौन शामिल है।

फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।