नई दिल्ली के वजीरपुर इलाके में एक मामूली बच्चों का झगड़ा इतना बढ़ गया कि उस झगडेने दो परिवारों के बीच खूनी संघर्ष बना लिया। शुक्रवार को पहले दिन में पथराव हुआ, फिर रात में चाकूबाजी तक नौबत आ गई। इस हिंसा में 65 वर्षीय राधे श्याम की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

कैसे शुरू हुआ विवाद?
शुक्रवार दोपहर कुछ बच्चे गली में खेल रहे थे। इसी दौरान किसी बच्चे ने कमल की स्कूटी की लाइट तोड़ दी। बस, इसी छोटी-सी बात पर बच्चों में बहस हो गई। मामला वहीं खत्म हो सकता था, लेकिन इरशाद ने झगड़े को शांत कराने की कोशिश की, जिससे कमल नाराज हो गया। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच तनाव बढ़ गया और देखते ही देखते मारपीट और पथराव शुरू हो गया। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। लगा कि मामला शांत हो गया, लेकिन असली बवाल तो रात में होना था। आईये जानते है पूरा मामला क्या है।
दोने परिवारों के बिच रात में फिर भड़की हिंसा
शाम ढलने के बाद मुन्नी अपने घर के बाहर फोन पर बात कर रही थी कि अचानक गौतम वहां आ पहुंचा और उसने हेलमेट से मुन्नी के सिर पर वार कर दिया। इसके बाद पूरा माहौल गर्मा गया। दोनों परिवार फिर आमने-सामने आ गए और इस बार केवल पथराव नहीं, बल्कि लाठी-डंडे और चाकू भी निकल आए। इस खूनी संघर्ष में राधे श्याम, उनकी पत्नी कमला, बेटे कमल और गौतम के अलावा जमाल, उनकी पत्नी मुन्नी और बेटा इरशाद घायल हो गए।

राधे श्याम की दर्दनाक मौत
इस हिंसा के दौरान राधे श्याम ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन अफ़सोस उन्हें चाकू लग गया। जल्दी – जल्दी में घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने राधे श्याम को मृत घोषित कर दिया। इरशाद की हालत भी नाजुक बनी हुई है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना के बाद पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह का कहना है कि यह दो परिवारों के बीच का विवाद है और इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश गलत होगी। फिलहाल गौतम को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
क्या यह पुरानी रंजिश का नतीजा था?
इस मामले को लेकर कमला का आरोप है कि जमाल और उसका परिवार उन्हें इलाके से निकालना चाहता था और इसी वजह से उनके पति की हत्या हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक साल पहले जमाल और उसके बेटों ने उनकी बहू के साथ छेड़छाड़ की थी, जिसके कारण दोनों परिवारों के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ था। पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है।
इलाके में डर और सन्नाटा
घटना के बाद वजीरपुर की गलियां सुनसान हो गई हैं। स्थानीय लोग इस मामले की वजह से डरे सहमे से हुए हैं और पुलिस की भारी तैनाती के बावजूद दहशत का माहौल बना हुआ है। प्रशासन हालात को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इस घटना ने इलाके में गहरे जख्म छोड़ दिए हैं।
आगे क्या होगा?
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच कर रही है। अभी तक हत्या और हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया जा चुका है। प्रशासन ने अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
एक छोटी-सी बात ने दो परिवारों को खून-खराबे के हादसे तक पहुंचा दिया। इस घटना ने लोगो को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारा समाज अब इतनी जल्दी हिंसा पर उतर आता है? बच्चों का मामूली सा झगड़ा इतना बढ़ सकता है कि किसी की जान तक चली जाए? इस तरह की घटनाएं हमें चेतावनी देती हैं कि समाज में धैर्य, सहनशीलता और शांति की कितनी जरूरत है।
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