जम्मू त्रासदी:- कटड़ा हादसे में जान गंवाने वाले सभी 34 लोगों की पहचान कर ली गई है। गुरुवार को 15 शवों की पहचान हुई थी, जबकि शुक्रवार को शेष 19 शवों की शिनाख्त पूरी हो गई। परिजनों को शव सौंपे जाने का सिलसिला जारी है। अपनों को खो चुके परिवार शवगृह में अपने प्रियजनों की लाशें देखकर फफक पड़े। हर तरफ मातम और सन्नाटा पसरा रहा।

मृतकों की पहचान पूरी, एंबुलेंस सेवा मुफ्त

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने मृतकों के शवों को उनके गृह जिलों तक पहुंचाने के लिए निःशुल्क एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई है। साथ ही मृतकों के पास से बरामद नगदी और आभूषण भी उनके परिजनों को सौंपे जा रहे हैं। बोर्ड के डिप्टी सीईओ पवन कुमार ने बताया कि परिजनों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है।

मुजफ्फरनगर के इंद्रपाल का बिखर गया संसार

मुजफ्फरनगर के रामपुरी गांव निवासी इंद्रपाल पर इस हादसे ने दुखों का पहाड़ तोड़ दिया। उन्होंने अपनी पत्नी रामवीरी और बेटी आकांक्षा को खो दिया। रुंधे गले से इंद्रपाल ने कहा कि खराब मौसम के बावजूद यात्रा रोकी जानी चाहिए थी। हादसे में उनके परिवार के अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं, जबकि भतीजे दीपेश की मौत ने गम को और गहरा कर दिया।

दिल्ली के बुराड़ी के परिवार ने खोए छह सदस्य

दिल्ली के बुराड़ी निवासी अभिषेक ने बताया कि इस त्रासदी ने उनके परिवार के छह सदस्यों की जिंदगी छीन ली। उनकी भतीजी दीपांशी, बहन पिंकी, भाई राजा और अजय के अलावा रिश्तेदार तान्या व पुकार (खेड़ा धर्मपुरा, गाजियाबाद) की मौत हो गई। अभिषेक की मां रामकुमारी शव देखते ही दहाड़ मारकर रो पड़ीं, जिन्हें बेटों ने बड़ी मुश्किल से संभाला।

यह भी पड़े:- पठानकोट: माधोपुर हेडवर्क्स पर चार फ्लड गेट टूटे, 65 कर्मचारी पानी में फंसे; हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया

हर तरफ मातम, आंखों में आंसू

जम्मू जीएमसी के शवगृह में सुबह से परिजनों की भीड़ लगी रही। पोस्टमार्टम हाउस पर हर कोना चीखों से गूंज उठा। मृतकों को अंतिम विदाई देने आए परिवारजन बिलखते रहे। पंजाब, दिल्ली, गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश से आए रिश्तेदार शव लेकर रवाना हुए।

कटड़ा हादसे में उजड़े परिवारों की चीखें और सिसकियां इस त्रासदी की गंभीरता को बयां कर रही हैं। प्रशासन और श्राइन बोर्ड मृतकों के परिजनों की सहायता में जुटे हैं, लेकिन अपनों को खो चुके परिवारों का दर्द शब्दों से परे है।