72 मौतों से हिला नेपाल:- नेपाल में चल रहे युवा विरोध प्रदर्शनों के बीच हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक अब तक 72 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 59 प्रदर्शनकारी, तीन पुलिसकर्मी और 10 कैदी शामिल हैं, जो जेल से भागने की कोशिश के दौरान मारे गए।

आपको बतादे अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घोषणा की कि सभी मृतकों को आधिकारिक तौर पर ‘शहीद’ का दर्जा दिया जाएगा। साथ ही उनके परिवारों को 10 लाख नेपाली रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि घायलों के इलाज और संपत्ति के नुकसान की भरपाई भी सरकार करेगी।
घायलों और प्रभावित परिवारों को सहायता
कार्की ने कहा कि सरकार घायलों का पूरा इलाज कराएगी और जिन्हें निजी संपत्ति के नुकसान का सामना करना पड़ा है, उन्हें भी आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके लिए आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराने सहित अन्य राहत योजनाओं पर काम किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ और आगजनी में शामिल लोगों की जांच होगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
केवल छह महीने का कार्यकाल
73 वर्षीय सुशीला कार्की ने साफ किया कि अंतरिम सरकार का मकसद लंबे समय तक सत्ता में बने रहना नहीं है। उनका कार्यकाल केवल छह महीने का होगा और इस दौरान प्राथमिकता भ्रष्टाचार की जांच, व्यवस्था सुधार और जनता का भरोसा बहाल करने पर रहेगी।
आंदोलन की वजह
नेपाल में यह विरोध तब शुरू हुआ जब सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पाबंदी लगा दी। पहले से ही भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को लेकर गुस्से में चल रही युवा पीढ़ी सड़कों पर उतर आई। आंदोलन जल्द ही बड़े स्तर पर फैल गया और इसमें आर्थिक समानता और भ्रष्टाचार उन्मूलन मुख्य मुद्दे बन गए।
यह भी पड़े:- नेपाल की राजनीति में नया मोड़: अंतरिम प्रधानमंत्री पद के लिए सुशीला कार्की का नाम आगे आया
पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं कार्की
सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। वे इससे पहले देश की मुख्य न्यायाधीश रह चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन नेपाल की राजनीति और समाज के लिए नई चुनौतियां लेकर आया है और सरकार की जिम्मेदारी है कि हालात को सामान्य कर जनता को राहत पहुंचाई जाए।
