होर्मुज तनाव के बीच उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण : चल रहे ईरान और अमेरिका युद्ध के बीच तानाशाही देश उत्तर कोरिया ने अचानक कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। आपको बता दें उत्तर कोरिया के इस कदम के बाद जापान ने तुरंत राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है, जबकि दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने भी स्थिति पर कड़ी नजर रखते हुए सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं।

होर्मुज तनाव के बीच उत्तर कोरिया की बड़ी कार्रवाई
आपको बता दें मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के बीच एशिया में भी हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। वहीँ उत्तर कोरिया ने भी एक साथ कई छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर यह संकेत दिया है कि क्षेत्रीय अस्थिरता अब कई मोर्चों पर फैल सकती है यह उत्तर कोरिया ने कई मिसाइलें दाग कर साबित कर दिया है।
आपको बता ने जानकारी के मुताबिक, ये मिसाइलें उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय क्षेत्र सिन्पो से दागी गईं और लगभग 140 किलोमीटर तक समुद्र में जाकर गिरीं। आपको बता दें यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहां पनडुब्बी निर्माण से जुड़ी सुविधाएं भी मौजूद हैं।
जापान में इमरजेंसी, सरकार अलर्ट मोड पर
आपको बता दें उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण के तुरंत बाद जापान सरकार ने अपने देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। आपको बता दने जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस घटना को गंभीर सुरक्षा खतरा बताते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी।
जापान के रक्षा मंत्रालय ने उत्तर कोरिया की इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा बताया और कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
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दक्षिण कोरिया और अमेरिका की संयुक्त प्रतिक्रिया
आपको बता दें दक्षिण कोरिया ने इस घटना के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई। अधिकारियों ने उत्तर कोरिया के लगातार बढ़ते मिसाइल परीक्षणों पर गहरी चिंता व्यक्त की है और इसे रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की मांग की।
साथ ही, अमेरिका और जापान के साथ मिलकर सुरक्षा जानकारी साझा की जा रही है। अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड ने भी स्पष्ट किया है कि वह अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म को लेकर जांच जारी
आपको बता दें दक्षिण कोरियाई की सेना यह पता लगाने में पूरी तरह से जुटी है कि ये मिसाइलें जमीन से दागी गईं या पनडुब्बी से। अगर यह परीक्षण पनडुब्बी से किया गया है, तो यह पिछले चार वर्षों में उत्तर कोरिया का पहला सबमरीन-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण हो सकता है।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पनडुब्बी से मिसाइल दागने की क्षमता उत्तर कोरिया को रणनीतिक बढ़त देती है, क्योंकि इससे पहले से हमले का पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है किसी भी देश के लिए।
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परमाणु कार्यक्रम पर बढ़ती चिंता
वहीँ अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) पहले ही उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जता चुकी है। हालिया रिपोर्ट्स में गंभीर संकेत मिले हैं कि देश अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को तेजी से विकसित कर रहा है।
पिछले कुछ महीनों में उत्तर कोरिया ने कई नए हथियार परीक्षण किए हैं, जिनमें लंबी दूरी की मिसाइलों और उन्नत ईंधन तकनीक का परीक्षण भी शामिल है।
किम जोंग उन की रणनीति और वैश्विक संदेश
विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर कोरिया के नेता Kim Jong Un इन छोटे और बड़े परीक्षणों के जरिए अपनी अंतरराष्ट्रीय मंच पर ताकत दिखाना चाहते हैं और उनका उद्देश्य भी यही है जहाँ की मेरा मानना है। 2019 में अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता विफल होने के बाद से उन्होंने अपने सैन्य कार्यक्रम को और तेज कर दिया है।
हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में कूटनीतिक बातचीत फिर से शुरू करने की इच्छा जताई है, लेकिन उत्तर कोरिया ने अपनी शर्तों पर बातचीत करने के संकेत दिए हैं।
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एशिया और विश्व के लिए बढ़ती चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज में बढ़ता तनाव और उत्तर कोरिया की आक्रामक गतिविधियां मिलकर वैश्विक सुरक्षा के लिए नई चुनौतियां पैदा कर रही हैं। यह स्थिति न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण वैश्विक अस्थिरता को और गहरा कर सकता है। जापान में आपातकाल और दक्षिण कोरिया-अमेरिका की सक्रिय प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि स्थिति कितनी गंभीर हो चुकी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या कूटनीतिक प्रयास इन तनावों को कम कर पाते हैं या दुनिया एक और बड़े संकट की ओर बढ़ रही है।
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