पठानकोट:- पंजाब के पठानकोट जिले में बुधवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रावी नदी पर बने माधोपुर हेडवर्क्स के 54 फ्लड गेटों में से चार अचानक टूट गए, जिससे हड़कंप मच गया। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात 65 कर्मचारी और अधिकारी तेज बहाव में फंस गए। राहत की बात यह रही कि हेलीकॉप्टर की मदद से सभी को बाहर निकाल लिया गया। हालांकि एक कर्मचारी अभी भी लापता है

रणजीत सागर डैम से छोड़ा गया दो लाख क्यूसेक पानी
सुबह करीब दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी रणजीत सागर डैम से छोड़ा गया। पानी का दबाव इतना तेज था कि माधोपुर हैडवर्क्स पर लगे कई गेट पूरी तरह खुल नहीं सके। इसी बीच चार गेट बह जाने से हालात बिगड़ गए। गेट टूटते ही एक कर्मचारी पानी में बह गया और उसे बचाने की कोशिश में एक अधिकारी भी खतरे में पड़ गया।
हेलीकॉप्टर से चला रेस्क्यू ऑपरेशन
जिला प्रशासन ने तुरंत सेना और एयरफोर्स से संपर्क किया। कुछ ही देर में दो हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचे और सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रशासन के अनुसार एक कर्मचारी का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
पुल और रेलवे लाइन भी क्षतिग्रस्त
तेज बहाव के कारण यूबीडीसी नहर पर बने दोनों पुलों को भारी नुकसान हुआ है। पुलों पर पानी का स्तर चार से पांच फीट ऊपर तक पहुंच गया, जिससे रेलिंग और पास का एक होटल का हिस्सा बह गया। नतीजतन, पुलों पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया।
इसी तरह रावी दरिया पर बनी रेलवे लाइन का एक हिस्सा भी खिसक गया है, जिसके चलते ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। कठुआ से पठानकोट आने वाले पुल को भी सुरक्षा कारणों से सील कर दिया गया है।
घरों में घुसा पानी, नहरें उफान पर
गेटों के क्षतिग्रस्त होने और सीमित गेटों के खुलने के कारण रावी का पानी नहरों में घुस गया। एएमबी लिंक नहर और हाईडल नहर में पानी का स्तर बढ़ गया जिससे आसपास के कई गांव प्रभावित हुए। कई घरों में पानी भरने से लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
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प्रशासन अलर्ट, हेल्पलाइन जारी
डीसी पठानकोट आदित्य उप्पल और एसपी दलजिंदर सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। डीसी ने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हर संभव सहायता मुहैया कराई जाएगी।