महिला आरक्षण कानून लागू करने की तैयारी तेज:- केंद्र सरकार संसद के मौजूदा बजट सत्र के दौरान महिला आरक्षण कानून को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकती है। जानकारी के अनुसार, सरकार इस कानून को प्रभावी बनाने के लिए जल्द ही दो नए विधेयक पेश करने पर विचार कर रही है।

परिसीमन से पहले लागू करने पर विचार

सूत्रों के मुताबिक, सरकार की योजना है कि लोकसभा और राज्य विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही महिला आरक्षण कानून को लागू करने के विकल्पों पर काम किया जाए। इसके लिए कानूनी और प्रक्रियात्मक बदलावों की तैयारी चल रही है।

विपक्ष की मांग: सर्वदलीय बैठक हो

इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर सभी राजनीतिक दलों के बीच चर्चा जरूरी है, ताकि व्यापक सहमति बन सके। विपक्ष चाहता है कि यह बैठक विधानसभा चुनावों के बाद आयोजित की जाए।

सहमति बनाने की कोशिश

बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने इस मुद्दे पर अलग-अलग दलों के नेताओं से बातचीत शुरू की है। इसका उद्देश्य महिला आरक्षण के कार्यान्वयन को लेकर राजनीतिक सहमति तैयार करना है।

सीटों में हो सकता है बड़ा बदलाव

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर लगभग 816 तक की जा सकती है। इनमें से करीब 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखने का प्रस्ताव है, जिससे संसद में महिलाओं की भागीदारी में बड़ा इजाफा होगा।

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महिला सांसदों ने किया स्वागत

कई दलों की महिला सांसदों ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और नीति-निर्माण में उनकी भूमिका मजबूत होगी।

क्या है महिला आरक्षण कानून?

महिला आरक्षण कानून, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम से जाना जाता है, संविधान के 106वें संशोधन के तहत लाया गया था। इसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। इस कानून को वर्ष 2023 में राष्ट्रपति Droupadi Murmu की मंजूरी मिल चुकी है।

हालांकि, मौजूदा प्रावधान के अनुसार इसे परिसीमन के बाद लागू किया जाना है, लेकिन सरकार अब इसे जल्द लागू करने के विकल्प तलाश रही है।