रियासी में दिल दहला देने वाला हादसा:- एक दिल दहलाने वाला मामला फिर सामने आया है आपको बतादे जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में शनिवार तड़के हुए भीषण भूस्खलन ने एक ही परिवार की सात जिंदगियां छीन लीं। मृतकों में पति-पत्नी के साथ उनके पांच मासूम बेटे शामिल हैं, जिनकी उम्र महज 5 से 13 साल के बीच थी। यह हादसा जिले के बद्दर गांव में उस समय हुआ, जब परिवार गहरी नींद में सो रहा था।

भोर में टूटा पहाड़, मलबे में दबा परिवार

आपको बतादे जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात से इलाके में लगातार बारिश हो रही थी। तड़के करीब दो से तीन बजे के बीच पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी और पत्थर नजीर अहमद के दो कमरों के कच्चे मकान पर आ गिरे। अचानक आई इस आपदा में परिवार को संभलने या बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। सभी सदस्य मलबे और पत्थरों के नीचे दब गए।

सुबह लगभग सात बजे गांव वालों को घटना का पता चला। ग्रामीणों ने तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया और मलबा हटाने की कोशिश की। लेकिन जब तक सभी को बाहर निकाला गया, तब तक सातों की मौत हो चुकी थी।

मृतकों की पहचान

इस हादसे में नजीर अहमद (38), उनकी पत्नी वजीरा बेगम (35) और उनके पांच बेटे—बिलाल अहमद (13), मोहम्मद मुस्तफा (11), मोहम्मद आदिल (8), मोहम्मद मुबारक (6) और मोहम्मद वसीम (5)—की मौत हो गई। इनमें से चार बेटे पास के सरकारी मिडिल स्कूल में पढ़ते थे।

प्रशासन और नेताओं ने जताया शोक

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं। एसडीएम माहौर शफकत मजीद भट्ट और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शवों का मौके पर ही पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद गांव में गमगीन माहौल में सभी को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रभावित परिवार के प्रति संवेदना जताई। अधिकारियों को पीड़ितों को हरसंभव मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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पृष्ठभूमि

बदर गांव जिला मुख्यालय रियासी से लगभग 70 किलोमीटर और माहौर तहसील से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है। शुक्रवार को यहां मूसलाधार बारिश हुई थी, जिसके बाद यह भूस्खलन हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, तड़के हुए इस हादसे की किसी को भनक तक नहीं लगी और सुबह जब लोग जागे, तब जाकर त्रासदी का पता चला।