होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव : Middle East में एक बार फिर से तनाव गहराता नजर आ रहा है। आपको बता दें दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), को लेकर अब अमेरिका और ईरान पूरी तरह से आमने-सामने आ गए हैं।

ईरान ने साफ शब्दों में अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने यहां की नाकेबंदी को तुरंत नहीं हटाया, तो इसे युद्धविराम (सीजफायर) का उल्लंघन माना जाएगा। इस बीच, जहाजों की आवाजाही और सैन्य गतिविधियों को लेकर कई नए तथ्य सामने आए हैं, जो स्थिति को और जटिल बना रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण
आखिर सभी देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य इतना क्यों महत्वपूर्ण हैं आपको बता दें दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में शामिल है स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला अधिकांश कच्चा तेल इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा का असर सीधे वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।
नाकेबंदी हटाओ वरना सीजफायर का उल्लंघन
आपको बता दें ईरान ने अमेरिका को सख्त लहजे में कहा है कि होर्मुज क्षेत्र में लागू की गई नाकेबंदी को तुरंत हटाया जाए। ईरान के मुताबिक, यह कदम पहले से हुए युद्धविराम समझौते के खिलाफ है।
ईरानी अधिकारियों का साफ़ कहना है कि अगर अमेरिकी इस कार्रवाई को जारी रखता है, तो इसे सीजफायर का उल्लंघन माना जाएगा और इसका पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें : ईरान-इजरायल तनाव फिर बढ़ा: सीजफायर टूटने की आशंका, नेतन्याहू की सख्त चेतावनी
अमेरिकी दावा: 24 घंटे में छह जहाज रोके गए
आपको बता दें अमेरिकी सेना का साफ़ कहना है कि नाकेबंदी लागू होने के पहले ही 24 घंटों में उसने छह जहाजों को ईरानी बंदरगाहों से बाहर निकलने से रोक दिया। अमेरिका इसे अपनी रणनीतिक सफलता बता रहा है, जबकि ईरान इस दावे को खारिज कर रहा है।
दो दिनों में कई टैंकरों ने पार किया जलडमरूमध्य
वहीँ आपको बता दें जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियों LSEG और केपलर के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका की नाकेबंदी के बावजूद भी कई जहाज इस मार्ग से गुजरने में सफल रहे।
प्रमुख घटनाएं:
- सोमवार और मंगलवार के बीच कम से कम तीन टैंकरों ने होर्मुज पार किया
- ‘पीस गल्फ’ नाम का पनामा-ध्वज वाला टैंकर यूएई के हमरिया पोर्ट की ओर गया
- इस टैंकर ने ईरान द्वारा तय किए गए नए समुद्री मार्ग का उपयोग किया
- यह मार्ग लराक द्वीप और होर्मुज के बीच से होकर गुजरता है
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस नए रास्ते को सभी जहाजों के लिए अनिवार्य बताया है।
यह भी पढ़ें : क्यूबा ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी: ‘हमले की कोशिश भारी पड़ेगी’, तनाव के बीच बातचीत जारी
प्रतिबंधित जहाज भी निकलने में सफल
सबसे दिलचस्प बात यह है कि कुछ ऐसे जहाज भी इस मार्ग से निकल गए, जिन पर पहले से अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए थे।
‘रिच स्टार्री’ नाम का एक कार्गो जहाज, जिसे पहले ‘फुल स्टार’ के नाम से जाना जाता था, होर्मुज पार कर गया। इस जहाज को 2023 में अमेरिका ने ईरान से संबंधों के आरोप में ब्लैकलिस्ट किया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जहाज रात के अंधेरे में इस क्षेत्र को पार कर गया और बाद में अपनी दिशा बदल ली।
ईरान का पलटवार: “अमेरिका को नहीं मिलेगी सफलता”
आपको बता दें ईरानी मीडिया और सैन्य नेतृत्व ने अमेरिका की नाकेबंदी नीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका न तो युद्ध में सफल रहा और न ही होर्मुज में अपनी रणनीति लागू कर पाएगा।
IRGC ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि:
- यदि अमेरिकी सेना जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करते हैं
- तो इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना जाएगा
- और इसका कड़ा जवाब दिया भी जाएगा
ईरान ने यह भी दोहराया है कि इस क्षेत्र पर उसका पूर्ण नियंत्रण है।
बढ़ते तनाव का वैश्विक असर
आपको बता दें होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव का असर केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर पड़ सकता है।
- कच्चे तेल की कीमतों में उछाल संभव
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकता है
- समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं
यह भी पढ़ें : ईरान-अमेरिका शांति वार्ता विफल: डोनाल्ड ट्रंप की चीन को कड़ी चेतावनी, बढ़ा वैश्विक तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं संभली, तो यह टकराव बड़े संघर्ष का रूप ले सकता है।
ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता विवाद अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन गया है। जहां एक ओर ईरान नाकेबंदी हटाने की मांग कर रहा है, वहीं अमेरिका अपनी रणनीति पर कायम है। इस बीच जहाजों की आवाजाही और सैन्य चेतावनियों ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या दोनों देश कूटनीतिक समाधान की ओर बढ़ते हैं या यह तनाव और गहराता है।
सभी ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए JKS TV NEWS के Facebook, WhatsApp और Telegram चैनल को अभी ज़रूर जॉइन करें।
