US-Israel Strikes on Iran : मिडिल ईस्ट में हालात सुधरने की बजाय और भी तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों के बाद ईरान और कुछ पश्चिमी देशों के बीच सीधा युद्ध छिड़ गया है। आपको बता दें हालात उस वक्त और गंभीर हो गए जब ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई और इस ख़बर को सुनकर हर कोई चौंक गया। इसके तुरंत बाद ही ईरान ने आधिकारिक तौर पर “युद्ध की स्थिति” घोषित करते हुए बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी।

इजरायल और अमेरिका की लगातार सैन्य कार्रवाई तथा ईरान की जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमलों ने पूरे मिडिल ईस्ट को युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है। इस संघर्ष का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल बाजार और भारत समेत कई देशों पर दिखाई देने लगा है।
555 से अधिक लोगों की मौत, हमले जारी
आपको बता दे अभी तक जारी इन अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई और मिसाइल हमलों में ईरान में मरने वालों की संख्या लगभग 555 के पार पहुंच गई है। दोनों पक्षों की ओर से हमले लगातार जारी हैं।
वहीँ आपको बता दें ईरान ने साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने वाला बिल्कुल नहीं है, जबकि दूसरी तरफ इजरायली सेना ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर ईरान नहीं रुका तो और भी घातक और बड़े हमले किए जाएंगे।

इसी दौरान अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के कोनार्क नेवल बेस को भारी नुकसान पहुंचा है, जहां तीन युद्धपोत डूबने की खबर है। आपको बता दें इन हमलों में ईरान के नेवी चीफ शाहराम ईरानी के मारे जाने की भी जानकारी सामने आई है।
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खामेनेई की मौत के बाद भड़की जंग
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत को इस युद्ध का सबसे बड़ा मोड़ माना जा रहा है। उनकी मौत के बाद ईरान ने पश्चिमी देशों के खिलाफ खुला सैन्य मोर्चा खोल दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई की मौत ने मिडिल ईस्ट की राजनीतिक और सैन्य स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है और यह संघर्ष अब लंबे युद्ध में बदल सकता है।
ईरान का पलटवार: 27 अमेरिकी ठिकानों पर हमला
ईरान ने दावा किया है कि उसने 27 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं।
इन हमलों का असर खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में देखा गया, जिनमें शामिल हैं:
- दुबई
- कुवैत
- बहरीन
- कतर
- ओमान
मिली जानकरी के मुताबिक बताया जा रहा है कि कई शहरों में आसमान मिसाइलों और एयर डिफेंस सिस्टम की वजह से लाल दिखाई दिया। कुछ जगहों पर सुरक्षा कारणों से शेयर बाजार भी बंद कर दिए गए।
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सऊदी अरब की अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन हमल
ईरान ने सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी अरामको की रास तानूरा रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया।
हमले के बाद एहतियातन रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
इस हमले के बाद वैश्विक तेल बाजार में भारी उछाल देखने को मिला है।
इजरायल के निशाने पर अब हिज्बुल्लाह
आपको बता दें इजरायल ने चेतावनी दी है कि लेबनान स्थित संगठन हिज्बुल्लाह को ईरान के समर्थन में कार्रवाई करने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
इजरायली नेतृत्व ने सेना को निर्देश दिया है कि वह ऑपरेशन “Roar of the Lion” के तहत हिज्बुल्लाह के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
इजरायल का कहना है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर तक कार्रवाई करेगा और 7 अक्टूबर से पहले की स्थिति में वापस नहीं लौटेगा।
अमेरिका की चेतावनी: और भी घातक हमले संभव
व्हाइट हाउस से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर ईरान ने हमले जारी रखे तो अमेरिका और भी घातक सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है और कई ठिकानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
भारत समेत दुनिया पर असर
ईरान-इजरायल युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ने लगा है।
मुख्य प्रभाव:
- कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
- अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गिरावट
- मिडिल ईस्ट में सुरक्षा अलर्ट
- CBSE परीक्षाएं स्थगित
- भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी
भारत का विदेश मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर नागरिकों को सुरक्षित निकालने की तैयारी की जा रही है।
आगे क्या?
मिडिल ईस्ट में जारी यह संघर्ष अब क्षेत्रीय युद्ध से वैश्विक संकट में बदलता दिखाई दे रहा है।
यदि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई जारी रहती है, तो यह टकराव आने वाले समय में दुनिया के सबसे बड़े युद्धों में से एक साबित हो सकता है।
