किश्तवाड़ में बादल फटने से मचा कहर:- किश्तवाड़ जिले के पाडर उपमंडल के चिशौती कस्बे में गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इस भीषण आपदा में अब तक 38 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 120 से अधिक लोग घायल हैं। राहत एवं बचाव दलों को आशंका है कि कई लोग अब भी मलबे में दबे हो सकते हैं।

भारी बारिश और पहाड़ों से अचानक उमड़े पानी ने घरों, दुकानों और रास्तों को बहा दिया। पानी के तेज बहाव के साथ आए पत्थर और पेड़ आसपास के कई मकानों को चीरते हुए ले गए, जिससे लोगों को संभलने का भी मौका नहीं मिला।
दो पुल बह गए, संपर्क व्यवस्था ठप
आपदा में दो पुल पूरी तरह ध्वस्त हो गए, जिनमें से एक पुल प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGYSY) के तहत हाल ही में बना था। इसके बहने से मचैल, हमूरी समेत कई गांवों का संपर्क कट गया है। भोट नाला और चिनाब नदी उफान पर हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
मचैल माता यात्रा रोकी गई
चिशौती कस्बा मचैल माता तीर्थयात्रा मार्ग का अहम पड़ाव है। 25 जुलाई से चल रही मचैल माता यात्रा को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को जहां हैं वहीं ठहरने के निर्देश दिए गए हैं।
बचाव कार्य में बाधा
स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और वायुसेना की टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं। हालांकि, लगातार खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल संभव नहीं हो पा रहा है। किश्तवाड़ से अतिरिक्त मेडिकल टीम और एंबुलेंस मौके पर भेजी गई हैं। 75 से अधिक घायलों का इलाज अठोली पीएचसी में चल रहा है, जिनमें गंभीर रूप से घायल 16 लोगों को जिला अस्पताल किश्तवाड़ और राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू रेफर किया गया है।
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प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।