Budget 2026: संसद में 2026 बजट को लेकर खूब चर्चा की जा रही है संसद के बजट सत्र की शुरुआत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों को एक स्पष्ट और गंभीर संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण को केवल औपचारिक प्रक्रिया के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, उनकी क्षमताओं और विशेष रूप से देश के युवाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति द्वारा 2026 तक के लिए दिए गए मार्गदर्शन और उम्मीदों को सभी सांसदों ने गंभीरता से लिया होगा।

एक भाषण, जो सिर्फ परंपरा नहीं बल्कि दिशा तय करता है
आपको बता दें प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण संसद और देश दोनों के लिए एक रोडमैप की तरह होता है। इसमें न सिर्फ सरकार की प्राथमिकताएं सामने आती हैं, बल्कि सांसदों के लिए यह एक दिशा-निर्देश भी होता है कि आने वाले समय में देश को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाना है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रपति का यह भाषण भारत की ताकत, संभावनाओं और भविष्य की जरूरतों को स्पष्ट रूप से सामने रखता है।

25 साल का काउंटडाउन, अब असली परीक्षा शुरू
विकसित भारत के लक्ष्य पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का पहला चौथाई हिस्सा पूरा हो चुका है और अब अगला महत्वपूर्ण चरण शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आने वाले 25 साल भारत के लिए निर्णायक साबित होंगे और इन्हीं वर्षों में देश को विकसित राष्ट्र बनाने की नींव मजबूत की जाएगी। प्रधानमंत्री ने बताया कि यह बजट सदी के दूसरे चौथाई हिस्से का पहला बजट होगा, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक महत्व रखता है।
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प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उल्लेख करते हुए कहा कि लगातार नौवीं बार बजट पेश करना देश के संसदीय इतिहास का गौरवशाली क्षण है। उन्होंने इसे देश की आर्थिक स्थिरता और निरंतर सुधारों का प्रतीक बताया।
यूरोप से समझौता, भारत के इरादों पर मुहर
वहीँ आपको बता दें भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुई फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है इस पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता भारत के लिए एक सकारात्मक और आत्मविश्वास से भरी शुरुआत है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है और वैश्विक मंच पर आकर्षण का केंद्र बन चुका है। यह ट्रेड डील इस बात का प्रमाण है कि भारत की आर्थिक दिशा कितनी मजबूत और उज्ज्वल है।

युवाओं और फैक्ट्रियों के लिए खुला बड़ा दरवाज़ा
पीएम मोदी ने कहा कि यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट खासतौर पर भारतीय युवाओं, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को और भी मजबूती देगा। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय निर्माता इस अवसर का सही उपयोग करेंगे और अपनी क्षमताओं को वैश्विक स्तर तक ले जाएंगे। यह समझौता भारत को प्रतिस्पर्धी और उत्पादक अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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सरकार की कार्यशैली पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर देती है। उन्होंने कहा कि लास्ट माइल डिलीवरी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है और आगे भी रहेगी। योजनाएं फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि लोगों की जिंदगी में वास्तविक बदलाव लाएं, यही सरकार का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
रिफॉर्म्स एक्सप्रेस अब और तेज़ क्यों होने वाली है
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ को और गति दी जाएगी, ताकि अगली पीढ़ी के सुधारों के जरिए भारत को आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और विकसित राष्ट्र बनाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचार स्वाभाविक हैं, लेकिन देश के विकास को लेकर सभी को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

कुल मिलाकर, बजट सत्र की शुरुआत में प्रधानमंत्री का यह संदेश साफ है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण को गंभीरता से लेना सांसदों की जिम्मेदारी है, विकसित भारत 2047 का लक्ष्य अब केवल सपना नहीं बल्कि एक ठोस मिशन है, और भारत-ईयू ट्रेड डील जैसे फैसले देश को वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से आगे ले जा रहे हैं।
