Israel Iran War 2026: मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर से विस्फोटक स्थिति में पहुंच गया है। इजरायल और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा टकराव अब सीधे सैन्य संघर्ष में बदलता नजर आ रहा है। आपको बता दें इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक (पहलकदमी वाला हमला) करने की पुष्टि की है, जिसके बाद मध्य पूर्व में स्तिथ दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे गंभीर हालात बन गए हैं। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज़ ने पूरे देश में तत्काल राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है।

इजराइल द्वारा इस सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। आपको बता दें शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली वायुसेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाया है। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया जा रहा है कि इस घातक हमले में अमेरिका की अप्रत्यक्ष भूमिका भी हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

तेहरान में लगातार धमाके, सैन्य ठिकाने बने निशाना

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, ईरान की राजधानी तेहरान में देर को रात कई जगह पर जोरदार विस्फोट हुए। ईरानी टीवी चैनलों से जुड़े सूत्रों ने भी इन धमाकों की पुष्टि की है। शुरुआती जानकारी बताती है कि हमले में दर्जनों सैन्य ठिकानों और रणनीतिक संस्थानों को निशाना बनाया गया।

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कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह ईरान पर यह हमला केवल चेतावनी नहीं बल्कि ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने की कोशिश हो सकता है। यदि यह जानकारी सही साबित होती है, तो यह हाल के वर्षों का सबसे बड़ा सीधा सैन्य हमला माना जाएगा

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सुरक्षित स्थान पर भेजे गए अयातुल्लाह खामेनेई

वहीँ आपको बता दें ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ईरान देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को सुरक्षा कारणों से तेहरान से बाहर एक सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। यह कदम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि ईरान को बड़े हमलों की आशंका है।

विश्लेषकों का कहना है कि किसी देश के सर्वोच्च नेता को सुरक्षित स्थान पर भेजना आमतौर पर गंभीर युद्ध जैसी स्थिति का संकेत होता है।

इजरायल में आपातकाल, नागरिकों को शेल्टर के पास रहने की सलाह

आपको बता दें ईरान पर हमले के तुरंत बाद इजरायल में अब अलर्ट जारी कर दिया गया। देश के कई हिस्सों में सायरन बजाए गए और नागरिकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।

IDF होम फ्रंट कमांड ने नागरिकों से कहा है कि वे अपने नजदीकी सुरक्षित शेल्टर की पहचान कर लें और गैरजरूरी यात्रा से बचें। वहीँ आपको आपको बता दें ईरान पर हमलों के बाद अब नागरिकों के मोबाइल फोन पर इमरजेंसी अलर्ट मैसेज भेजे गए, जिसमें संभावित मिसाइल हमलों के प्रति चेतावनी दी गई

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सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईरान की ओर से जवाबी हमला कभी भी हो सकता है, इसलिए लोगों को घरों के पास ही रहने की सलाह दी गई है।

रक्षा मंत्री कैट्ज़ का बयान – “खतरा खत्म करने के लिए हमला जरूरी था”

इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज़ ने कहा कि यह हमला देश की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी था। उनके अनुसार, ईरान की सैन्य गतिविधियां इजरायल के लिए बड़ा खतरा बन चुकी थीं।

उन्होंने कहा:

“इजरायल ने अपने नागरिकों की सुरक्षा और राज्य के अस्तित्व की रक्षा के लिए ईरान पर प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक शुरू की है।”

साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान की ओर से मिसाइल हमले की संभावना बहुत ज्यादा है और देश को लंबे समय तक सतर्क रहना पड़ सकता है।

क्या अमेरिका भी शामिल है?

आपको बता दें कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया जा रहा है कि इस सैन्य अभियान में अमेरिका की भूमिका भी हो सकती है। हालांकि अमेरिका या इजरायल की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

यदि अमेरिका की इस हमले में भागीदारी की पुष्टि होती है, तो यह संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध से वैश्विक संकट में बदल सकता है।

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विश्लेषण: क्या यह बड़ी जंग की शुरुआत है?

आपको में अपने विश्लेषण के अनुसार यह बताना चाहता हूँ की, यह केवल एक सीमित सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि मध्य-पूर्व में बड़े संघर्ष की शुरुआत हो सकती है। इजरायल और ईरान के बीच तनाव कई वर्षों से बढ़ रहा था, लेकिन इस तरह का सीधा हमला स्थिति को बेहद खतरनाक बना सकता है।

अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि अब यदि ईरान इजराइल पर जवाबी हमला करता है, तो इसमें मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल हो सकते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध फैलने का खतरा है।

आपको मिली जानकारी के अनुसार बता दूँ अगर यह संघर्ष लंबा चला तो इसका असर केवल मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तेल की कीमतों, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है।

निष्कर्ष

इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए इस बड़े और घातक हमले ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव अब एक बड़े सैन्य संघर्ष का रूप भी ले सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि ईरान की प्रतिक्रिया क्या होगी, क्योंकि वही तय करेगा कि यह संघर्ष सीमित रहेगा या एक बड़ी जंग में बदल जाएगा।