राघव चड्ढा का बड़ा ऐलान : हाल ही में देश की राजनीति में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है जिसने हर व्यक्ति को चौका दिया है। आपको बता दें आम आदमी पार्टी (AAP) के युवा और प्रमुख नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने का ऐलान आखिरकार कर दिया है।

उन्होंने दावा किया है कि वह अकेले नहीं, बल्कि पार्टी के दो-तिहाई सांसदों के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने जा रहे हैं। इस घोषणा ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।
राघव चड्ढा का प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान
आपको बता दें राघव चड्ढा ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा कि बीजेपी पार्टी में ज्वाइन होना का यह फैसला सोच-समझकर लिया गया है और इसमें आम आदमी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सांसद उनके साथ खड़े हैं।
#WATCH | Delhi: Addressing a press conference with Sandeep Pathak and Ashok Mittal, AAP MP Raghav Chadha says, "We have decided that we, the 2/3rd members belonging to the AAP in Rajya Sabha, exercise the provisions of the Constitution of India and merge ourselves with the BJP." pic.twitter.com/K3IK4TPXml
— ANI (@ANI) April 24, 2026
उन्होंने बताया कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सदस्यों ने संविधान के प्रावधानों के तहत खुद को BJP में विलय करने का निर्णय लिया है। इस प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज और हस्ताक्षर राज्यसभा के चेयरमैन को सौंप दिए गए हैं।
किन नेताओं के शामिल होने का किया दावा?
अब आपको बताते हैं राघव चड्ढा ने जिन नेताओं के BJP में शामिल होने का दावा किया है, उनमें कई चर्चित नाम शामिल हैं। इनमें सबसे पहले नाम है स्वाति मालीवाल, दूसरा नाम है हरभजन सिंह, तीसरा नाम संदीप पाठक, चोथा नाम अशोक मित्तल और विक्रमजीत सिंह साहनी जैसे सांसदों का जिक्र किया गया है।

हालांकि, इस दावे पर अभी तक इन नेताओं की ओर से स्वतंत्र रूप से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, जिससे इस घटनाक्रम पर और भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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AAP पर लगाए गंभीर आरोप
राघव चड्ढा ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान आम आदमी पार्टी की कार्यशैली और दिशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने अपने जीवन के 15 साल दिए, वह अब अपने मूल सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से भटक चुकी है।
उनके मुताबिक, पार्टी अब जनहित के बजाय निजी हितों पर अधिक ध्यान दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से उन्हें महसूस हो रहा था कि वह “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” हैं, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
संवैधानिक प्रक्रिया का हवाला
आपको बता दें राघव चड्ढा ने अपने फैसले को कानूनी और संवैधानिक रूप से सही ठहराते हुए कहा कि राज्यसभा के दो-तिहाई सांसदों के समर्थन के आधार पर यह विलय संभव है। उन्होंने दावा किया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया गया है और इस संबंध में औपचारिक जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दलों के साथ-साथ BJP और AAP के नेताओं की प्रतिक्रियाओं का इंतजार किया जा रहा है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह AAP के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है और राष्ट्रीय राजनीति में संतुलन बदल सकता है।
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राघव चड्ढा का यह कदम भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अभी कई पहलुओं पर आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होगी। इस घटनाक्रम का असर न सिर्फ AAP, बल्कि पूरे राजनीतिक परिदृश्य पर पड़ सकता है।
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