Delhi Arms Syndicate Busted : इस बार दिल्ली पुलिस का काम बहुत सराहनीय माना जा रहा है दरअसल आपको बता दें दिल्ली में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले एक बड़े नेटवर्क का दिल्ली पुलिस ने खुलासा क्या है। आपको बता दें राजधानी में सक्रिय अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने व्यापक अभियान चलाते हुए लगभग छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में आधुनिक हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन और सप्लाई में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन बरामद किए हैं।

दिल्ली पुलिस मुख्य अधिकारियों के अनुसार, यह केवल एक गिरफ्तारी अभियान नहीं बल्कि राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
दो अलग-अलग हथियार सिंडिकेट का पर्दाफाश, बड़ी मात्रा में हथियार जब्त
आपको बता दें स्पेशल सेल की जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी एक संगठित नेटवर्क के जरिए कई राज्यों के बीच अवैध हथियारों की खरीद और सप्लाई का काम कर रहे थे और किसी को इसकी भनक तक भी नहीं लगने दी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल:
- 26 अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल
- 8 जिंदा कारतूस
- 6 मोबाइल फोन
- कई सिम कार्ड
- हथियारों की सप्लाई में इस्तेमाल की गई 3 गाड़ियां
बरामद की हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और लगातार अपराध जगत तक हथियार पहुंचाने का काम कर रहा था।
मध्य प्रदेश से दिल्ली तक फैला था सप्लाई चेन का नेटवर्क
आपको बता दें प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों से हथियार खरीदकर उन्हें दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचाते थे।
पूछताछ में जानकारी मिली कि यह नेटवर्क हथियारों को अलग-अलग चैनलों के जरिए राजधानी में लाता था और फिर उन्हें स्थानीय संपर्कों के माध्यम से आगे वितरित किया जाता था।
आपको बता दें पुलिस को संदेह है कि इन हथियारों का इस्तेमाल गंभीर आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता था।
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पहली कार्रवाई में अस्पताल के पास पकड़े गए दो आरोपी
आपको बता दें मामले की शुरुआत उस समय हुई जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि राजधानी में हथियारों की खेप पहुंचने वाली है।
सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने निगरानी शुरू की और कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को पकड़ लिया।
वहीँ आपको बता दें तलाशी के दौरान उनके कब्जे से कुल 15 अवैध पिस्टल बरामद हुईं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि हथियार दूसरे राज्य से लाए गए थे और आगे सप्लाई किए जाने वाले थे।
जांच आगे बढ़ी तो लगातार हुई गिरफ्तारियां
वहीँ सबसे चौकाने वाला मामला सामने आया है जब पहली गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अपनी जांच का दायरा और बढ़ाया और अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की।
कुछ दिनों के भीतर तीन और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से अतिरिक्त पिस्टल और कारतूस बरामद हुए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी हथियारों को छिपाकर वाहन और बैग के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते थे।
इसके बाद एक अन्य कार्रवाई में एक और आरोपी को पकड़ा गया, जो कथित रूप से हथियारों की बड़ी खेप सौंपने की तैयारी में था।
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कई सालों से सक्रिय था नेटवर्क, अपराध जगत तक होती थी सप्लाई
आपको बता दें पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह गतिविधि लंबे समय से चल रही थी।
जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग जिम्मेदारियों में बंटे हुए थे—कुछ खरीद का काम करते थे, कुछ परिवहन संभालते थे और बाकी वितरण नेटवर्क को संचालित करते थे।
वहीँ जब दिल्ली पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है जो इस नेटवर्क के पीछे सप्लायर और फाइनेंसर के रूप में काम कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
वहीँ आपको बता दें दिल्ली पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए कई आरोपियों के खिलाफ पहले से भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं।
इनमें हत्या, अपहरण, अवैध गतिविधियों और अन्य अपराधों से जुड़े मामले शामिल बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि इस कार्रवाई को केवल हथियार बरामदगी नहीं बल्कि संगठित अपराध पर बड़ी चोट माना जा रहा है।
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दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई राजधानी में अवैध हथियारों की तस्करी रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हालांकि जांच अभी जारी है और एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना बनी हुई है।
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