एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है आपको बता दें फिर से एक बार देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 का री-एग्जाम भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गया है। जानकारी के लिए आपको बता दें इससे पहले भी नीट का एग्जाम हुआ था लेकिन रातोंरात अचानक नीट का पेपर लीक हो गया और पुरे देश में परीक्षाएं रद्द कर दी गयीं

वहीँ पेपर लीक विवाद के बाद रद्द की गई परीक्षा के स्थान पर आयोजित इस दोबारा परीक्षा में लाखों छात्र एक बार फिर अपने डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने के लिए परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। हालांकि, कई जगहों से ऐसे मामले भी सामने आए जहां कुछ छात्र समय पर न पहुंचने के कारण परीक्षा देने से वंचित रह गए।
पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा, छात्रों के लिए बड़ा दिन
आपको बता दें NEET UG 2026 देश की सबसे बड़ी मेडिकल और सबसे ज़रूरी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। इस नीट की परीक्षा में इस वर्ष मई में आयोजित परीक्षा पर पेपर लीक के आरोप लगने के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। इसके बाद दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया, जिससे लाखों छात्रों को फिर से तैयारी करने का मौका मिला, लेकिन इसके साथ मानसिक दबाव भी बढ़ गया।
21 जून को आयोजित इस री-एग्जाम के लिए प्रशासन और परीक्षा एजेंसियों ने व्यापक स्तर पर तैयारी की। कई परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल, निगरानी व्यवस्था और प्रवेश जांच को पहले से अधिक सख्त किया गया।
परीक्षा समय में बदलाव, छात्रों को मिला अतिरिक्त समय
आपको बता दें इस बार परीक्षा प्रक्रिया में कुछ बदलाव भी किए गए हैं। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू हुई और शाम 5:15 बजे तक चलेगी।
परीक्षा संचालन को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बदलाव अतिरिक्त समय का रहा। छात्रों को इस बार 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया ताकि परीक्षा प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके।
हालांकि, परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित समय के बाद किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया गया। गेट समय सीमा समाप्त होने के बाद बंद कर दिए गए।
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देर से पहुंचे कई छात्र, परीक्षा केंद्रों से लौटना पड़ा
कहीं न कहीं देखा जाए तो सरकार द्वारा ये व्यावहार बिल्कुल गलत हैं और इसकी में आलोचना करता हूँ किसी न किसी वजह से कुछ छात्र समय में पर एग्जाम सेण्टर नहीं पहुँच पाते हैं इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं है की आप एग्जाम देने ही नहीं दोगे किसी बच्चे की सालों की मेहनत आप एक झटके में ख़त्म कर दोगे आपको बता दें देश के कई शहरों से ऐसी तस्वीरें सामने आईं जहां कुछ अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र तक समय पर नहीं पहुंच सके। प्रवेश बंद होने के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने अधिकारियों से अनुरोध किया लेकिन नियमों के अनुसार उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
कुछ स्थानों पर अभिभावकों ने विरोध भी दर्ज कराया। उनका कहना था कि कुछ छात्रों को बेहद कम समय की देरी के कारण भी परीक्षा से बाहर रखा गया।
परीक्षा केंद्रों पर सख्त सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था
आपको बता दें इस बार परीक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को असाधारण रूप से मजबूत किया गया। परीक्षा केंद्रों के बाहर पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई। प्रवेश से पहले उम्मीदवारों की पहचान जांच और सुरक्षा जांच की गई।
इसके अलावा ऑनलाइन गतिविधियों और अफवाहों पर नजर रखने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग भी सक्रिय रखी गई ताकि किसी तरह की गलत जानकारी परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित न कर सके।
छात्रों के लिए जरूरी दस्तावेज
अब समझते हैं छात्रों के लिए क्या क्या ज़रूरी दस्तावेज़ हैं आपको बता दें परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को कुछ आवश्यक दस्तावेज साथ लाने के निर्देश दिए गए थे—
जरूरी दस्तावेज:
- वैध एडमिट कार्ड
- फोटो पहचान पत्र (ID Proof)
- पासपोर्ट साइज फोटो
इन दस्तावेजों की जांच के बाद ही छात्रों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।
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इस बार ड्रेस कोड भी रहा बेहद सख्त
परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ड्रेस कोड का पालन अनिवार्य किया गया।
उम्मीदवारों के लिए निर्देश:
- साधारण और हल्के रंग के कपड़े पहनें
- हाफ स्लीव्स वाले कपड़ों को प्राथमिकता दें
- जूते की जगह चप्पल या कम हील वाले सैंडल पहनें
- भारी डिजाइन, बड़े बटन और सजावटी कपड़ों से बचें
- किसी भी प्रकार के गहने या धातु से बने सामान की अनुमति नहीं
परीक्षा से पहले परिवारों पर दिखा मानसिक और आर्थिक दबाव
आपको बता दें री-एग्जाम का असर केवल छात्रों के भविष्य पर ही नहीं पड़ा है बल्कि छात्रों के परिवारों पर भी देखने को मिला।
कई अभिभावकों ने बताया कि परीक्षा रद्द होने के बाद बच्चों पर मानसिक दबाव काफी बढ़ गया था। कुछ परिवारों ने बच्चों की तैयारी के लिए आर्थिक रूप से भी बड़ा संघर्ष किया। दोबारा परीक्षा की घोषणा के बाद छात्रों को फिर से पढ़ाई की लय में लौटाना कई परिवारों के लिए चुनौती बन गया।
छात्रों की राय: मेहनत करने वालों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर
आपको बता दें कई छात्रों का कहना है कि दोबारा परीक्षा का सबसे ज्यादा प्रभाव उन अभ्यर्थियों पर पड़ा जिन्होंने लंबे समय तक तैयारी की थी और पहली परीक्षा के बाद अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे थे।
कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि दोबारा तैयारी करना मानसिक रूप से कठिन रहा क्योंकि पहले प्रयास के बाद उनका आत्मविश्वास बहुत बुरी तरह से प्रभावित हुआ।
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आगे क्या होगा?
अब आपको बता दें परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों की नजर उत्तर कुंजी, परिणाम और काउंसलिंग प्रक्रिया पर रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखना एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
NEET UG 2026 री-एग्जाम सिर्फ एक परीक्षा नहीं बल्कि लाखों छात्रों के धैर्य, मेहनत और मानसिक मजबूती की भी परीक्षा बन गया। पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा आयोजित यह परीक्षा उन छात्रों के लिए एक नया अवसर लेकर आई है जो अपने मेडिकल करियर का सपना पूरा करना चाहते हैं। अब सभी की निगाहें परिणाम और आगे की प्रवेश प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
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