इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध : आपको बता दें मध्य-पूर्व में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है।

इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध

युद्ध अब दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। कई इलाकों में मिसाइल हमले, ड्रोन अटैक और सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं। इस संघर्ष का असर न केवल युद्धरत देशों पर बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट और अंतरराष्ट्रीय राजनीति क्षेत्र गहरा असर पड़ रहा है।

तेहरान के पास तेल भंडारण टैंकों पर हमला, कई जगह लगी भीषण आग

बता दें हाल के हमलों में अमेरिका और इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान के आसपास स्थित तेल भंडारण टैंकों को निशाना बनाया। हमले के बाद बड़े पैमाने पर आग लगी है और कच्चा तेल नालियों और जल निकासी नालियों में फैल गया।

रिपोर्टों के अनुसार कई शहरों में सड़कों पर आग की लपटें देखी गईं हैं, जिस कारण स्थिति और भी भयावह होती दिख रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि तेल भंडारण केंद्रों में अभी भी आग बड़ रही है और दमकल दल उसे नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।

का दावा: ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध की स्थिति पर बयान देते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई से ईरान की सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचा है।

ट्रंप के अनुसार:

  • ईरान के 44 नौसैनिक जहाज नष्ट कर दिए गए हैं
  • वायुसेना के कई विमान नष्ट किए गए
  • मिसाइल निर्माण ठिकानों पर भारी हमले किए गए
  • ड्रोन क्षमता में भी बड़ी गिरावट देखी है

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ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका के पास आवश्यकता पड़ने पर ईरान में जमीनी सेना भेजने का विकल्प भी मौजूद है, हालांकि इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

ईरान की भी आई कड़ी प्रतिक्रिया

वहीं आपको बता दें दूसरी ओर ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस युद्ध से पीछे हटने वाला नहीं है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि जब तक उनके सर्वोच्च नेता की मौत का बदला नहीं लिया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

ईरान ने यह भी कहा है कि वह अपनी एक इंच जमीन भी दुश्मन को नहीं देगा और हमलों का जवाब भरपूर तरीके से देता रहेगा।

मध्य-पूर्व के कई देशों तक पहुंची जंग की चिंगारी

बता दें यह युद्ध अब केवल तीन देशों तक सीमित नहीं रहा है। क्षेत्र के कई देशों में भी हमलों और सुरक्षा अलर्ट की स्थिति बंटी हुई दिखाई दे रही है।

बहरीन में डीसैलिनेशन प्लांट को नुकसान

ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार ईरानी ड्रोन हमले में बहरीन का एक डीसैलिनेशन प्लांट क्षतिग्रस्त हो गया। इससे क्षेत्र में पानी की आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

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कुवैत में सुरक्षा संस्थान मुख्यालय में आग

वहीं ईरान से दागे गए एक ड्रोन ने कुवैत के सार्वजनिक सामाजिक सुरक्षा संस्थान के मुख्यालय को निशाना बनाया, जिसके बाद बहुमंजिला इमारत में आग लग गई। दमकल दल के कर्मी कई घंटों तक आग बुझाने की कोशिश में जुटे रहे।

यूएई और कुवैत ने रोकी मिसाइलें

वहीं संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत की सेनाओं का दावा है कि उन्होंने अपने एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से ईरान की कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।

इजरायल ने लेबनान में हमले तेज किए

आपको बता दें इजरायल की सेना ने दक्षिणी लेबनान में भी अपने हमले तेज कर दिए हैं। इन हमलों में काफी लोगों की मौत की खबर सामने आई है। इजरायल का कहना है कि उसका उद्देश्य वहां मौजूद ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों को खत्मा करना है।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में सैन्य कार्रवाई और तेज करने जा रहे ह।

हाइफा पावर प्लांट पर ईरानी हमला

बता दें ईरान ने इजरायल के हाइफा शहर स्थित पावर प्लांट पर भी मिसाइल हमला किया। इस हमले के बाद प्लांट में भारी आग लग गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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अमेरिकी ठिकानों और अधिकारियों को भी निशाना

बता दें ईरान ने पूरे मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है। रिपोर्टों के मुताबिक कुछ हमले उन स्थानों पर भी किए गए जहां अमेरिकी अधिकारी रह रहे थे या बैठक कर रहे थे।

ईरान के परमाणु केंद्र और तेल निर्यात ठिकानों पर नजर

अमेरिकी प्रशासन ईरान के परमाणु केंद्रों पर नियंत्रण की संभावनाओं पर भी विचार कर रहा है। इसके अलावा ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खारग द्वीप को कब्जे में लेने की योजना पर भी चर्चा होने की खबरें सामने आ रही हैं।

यह द्वीप ईरान के लगभग 90 प्रतिशत कच्चे तेल के निर्यात के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

भारत ने अपने नागरिकों को निकालना शुरू किया

इस बढ़ते संघर्ष के बीच भारत सरकार ने मध्य-पूर्व में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया तेज कर दी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार अब तक 52 हजार से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है।

सरकार ने क्षेत्र में मौजूद भारतीयों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन भी शुरू की है और उन्हें स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

कतर में फंसे भारतीयों के लिए एडवाइजरी

आपको बता दें दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने भी कतर में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। उड़ानों के रद्द होने के कारण कई पर्यटक और अल्पकालिक वीजा धारक वहां फंस गए हैं। दूतावास ने उनसे ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपना विवरण देने का अनुरोध किया है ताकि उनकी मदद की जा सके।

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युद्ध का वैश्विक असर बढ़ने की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक सुरक्षा पर पड़ सकता है।

मिडिल ईस्ट पहले ही दुनिया के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है और यहां बड़े स्तर का युद्ध वैश्विक राजनीति को प्रभावित कर सकता है।

निष्कर्ष

इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब दूसरे सप्ताह में पहुंच चुका है और इसके शांत होने के फिलहाल कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। लगातार हो रहे हमलों, बढ़ते सैन्य तनाव और क्षेत्रीय देशों की भागीदारी से यह संघर्ष और जटिल होता जा रहा है।

दुनिया भर की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयासों से हालात शांत होंगे या यह टकराव और बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।