नोएडा हिंसा दूसरे दिन भी जारी : यह प्रदर्शन इतना बढ़ जाएगा इसकी किसी को भी उम्मीद नहीं थीलेकिन आपको बता दें नोएडा में मजदूरों का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी उग्र रूप लेता नजर आया। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ यह मजदूरों का आंदोलन अब कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाओं के बीच प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है।

सड़कों पर उतरे हजारों मजदूर

आपको बता दें गौतमबुद्ध नगर के औद्योगिक क्षेत्रों में मंगलवार को भी बड़ी संख्या में फैक्ट्री कर्मचारी विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालात बहुत जल्द ही बेहद तनावपूर्ण हो गए जिसे संभाल पाना मुश्किल हो गया।

मिली जानकारी की मुताबिक कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों को निशाना बनाते हुए पथराव किया। हालांकि, पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए स्थिति पर काबू पा लिया और भीड़ को तितर-बितर कर दिया।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी: ड्रोन और CCTV से निगरानी

आपको बता दें स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं।

  • पीएसी और RAF की 15 कंपनियां तैनात
  • 26 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी
  • सुबह से औद्योगिक क्षेत्रों में फ्लैग मार्च
  • ड्रोन और CCTV कैमरों से निगरानी नॉएडा क्षेत्र की पूरी निगरानी

राजीव कृष्ण लखनऊ से लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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300 से ज्यादा गिरफ्तारियां, सोशल मीडिया पर भी नजर

आपको बता दें नॉएडा पुलिस ने अब तक इस मामले में 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही, सोशल मीडिया पर हिंसा भड़काने वाले कई अकाउंट्स की पहचान भी की गई है।

लक्ष्मी सिंह ने बताया कि कुछ संगठित समूह अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय थे और माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। करीब 50 सोशल मीडिया हैंडल्स की भूमिका की जांच की जा रही है।

सरकार का बड़ा फैसला: मजदूरी में बढ़ोतरी लागू

आपको बता दें स्थिति को शांत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात बड़ा फैसला लेते हुए न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की घोषणा की।

नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी और मजदूरी में लगभग 3000 रुपये तक की वृद्धि की गई है।

नई मजदूरी संरचना (संक्षेप में):

  • अकुशल श्रमिक: लगभग 13,690 रुपये तक
  • अर्धकुशल श्रमिक: लगभग 15,059 रुपये तक
  • कुशल श्रमिक: लगभग 16,868 रुपये तक

यह फैसला हाई लेवल कमेटी की सिफारिशों के बाद लिया गया।

मजदूरों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं भी घोषित

आपको बता दें नोएडा प्रशासन ने मजदूरों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की हैं जिनक फायदा अब सीधा मजदूरों को पहुंचेगा।

मेधा रूपम के अनुसार:

  • वेतन हर महीने की 10 तारीख से पहले बैंक खाते में आएगा
  • ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान
  • साप्ताहिक अवकाश पर काम करने पर डबल वेतन
  • बोनस का भुगतान समय से होगा
  • कार्यस्थलों पर महिला सुरक्षा के लिए कमेटी गठित होगी

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पहले दिन भारी हिंसा: फैक्ट्रियों और वाहनों को नुकसान

इससे पहले सोमवार को प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था। करीब 42 हजार मजदूर सड़कों पर उतर आए थे।

  • 350 से अधिक फैक्ट्रियों में तोड़फोड़
  • 50 से ज्यादा वाहन जलाए गए
  • 150 से अधिक वाहनों को नुकसान
  • पुलिस पर पथराव

इस हिंसा ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया।

प्रशासन का दावा: बाहरी तत्वों की भूमिका

आपको बता दें हाई पावर्ड कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने मजदूरों के आंदोलन का फायदा उठाकर स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश की।

सरकार का मानना है कि प्रदेश में निवेश और उद्योग के अनुकूल माहौल को नुकसान पहुंचाने की साजिश भी हो सकती है। ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राहुल गांधी का बयान

चल रहे इस पूरे घटनाक्रम पर अब राहुल गांधी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मजदूरों के प्रदर्शन को उनकी “आखिरी आवाज” बताया और कहा कि श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

उनका यह बयान राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।

आपको बता दें नोएडा में मजदूरों का यह आंदोलन अब केवल वेतन बढ़ोतरी का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि कानून-व्यवस्था और औद्योगिक माहौल के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

सरकार द्वारा वेतन बढ़ाने और सुविधाएं देने के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई और सरकार की नीतियां यह तय करेंगी कि यह संकट कैसे सुलझेगा।

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