उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासन से जुड़ी कई अहम योजनाओं पर सोमवार को बड़ा और ज़रूरी फैसला लिया गया। आपको बता दें मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई यूपी कैबिनेट बैठक में कुल 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

इन फैसलों में पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन, लखनऊ मेट्रो के विस्तार को मंजूरी, लोकतंत्र सेनानियों के लिए कैशलेस इलाज जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन निर्णयों को राज्य सरकार की आगामी प्रशासनिक और राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
पंचायत चुनाव से पहले OBC आयोग गठन को मंजूरी
आपको बता दें कैबिनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण फैसला राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को माना जा रहा है। जो एक लंबे समय से पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर कानूनी और राजनीतिक बहस जारी थी। ऐसे में सरकार ने आयोग बनाकर इस दिशा में बड़ी पहल की है।
आपको बता दें सरकार का कहना है कि यह आयोग ग्रामीण निकायों में पिछड़े वर्ग की वास्तविक सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी का बारीकी से अध्ययन करेगा। आपको बता दें आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था तय करने में मदद मिलेगी। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस फैसले से पंचायत चुनाव की सबसे बड़ी प्रशासनिक बाधा दूर हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग के गठन से सरकार को भविष्य में आरक्षण संबंधी कानूनी चुनौतियों का सामना करने में भी मजबूती मिलेगी।
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लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को मिली मंजूरी
आपको बता दें कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow के लिए भी बड़ी घोषणा की गई। सरकार ने लखनऊ मेट्रो के नए ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर यानी फेज-1B को मंजूरी दे दी है।
यह नया रूट चारबाग स्टेशन से शुरू होकर पुराने लखनऊ के प्रमुख बाजारों और घनी आबादी वाले इलाकों से गुजरते हुए वसंत कुंज तक जाएगा। सरकार का दावा है कि इस परियोजना से पुराने और नए लखनऊ के बीच यातायात बेहतर होगा और लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी।
आपको बता दें मेट्रो विस्तार परियोजना को शहर के तेजी से बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसके अलावा व्यापारिक क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को भी इससे सीधा फायदा मिलेगा।
लोकतंत्र सेनानियों को मिलेगा कैशलेस इलाज
आपको बता दें उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में लोकतंत्र सेनानियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा को भी मंजूरी दी गई। सरकार के इस फैसले के बाद लोकतंत्र सेनानी और उनके आश्रित अब निर्धारित अस्पतालों में बिना नकद भुगतान के इलाज करा सकेंगे।
सरकार का कहना है कि यह योजना उन लोगों के सम्मान और सुरक्षा के लिए लाई गई है जिन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में योगदान दिया।
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अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला
वहीँ आपको बता दें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi की कथित ‘सोना न खरीदने’ की अपील को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए जनता पर आर्थिक दबाव बना रही है। उन्होंने इसे आम लोगों की आर्थिक स्वतंत्रता से जोड़ते हुए भाजपा की नीतियों की आलोचना की।
हालांकि केंद्र सरकार की ओर से इस बयान पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सरकार के फैसलों का क्या होगा असर?
आपको बता दें उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला बेहद ही अहम माना जा रहा है यूपी कैबिनेट के इन फैसलों को आगामी पंचायत चुनाव और शहरी विकास की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। एक ओर सरकार ने ओबीसी आरक्षण से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर बड़ा कदम उठाया है, वहीं दूसरी ओर मेट्रो विस्तार जैसी परियोजनाओं के जरिए शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
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इसके अलावा स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े फैसले भी सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं। आने वाले दिनों में इन प्रस्तावों के लागू होने की प्रक्रिया और उनके प्रभाव पर सभी की नजर रहेगी।
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