Republic Day 2026:- भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे सम्मान, गर्व और देशभक्ति की भावना के साथ मनायेगा । राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली। इस वर्ष गणतंत्र दिवस की थीम “वंदे मातरम के 150 वर्ष” रखी गई, जो देश की स्वतंत्रता और राष्ट्रप्रेम की भावना को दर्शाती है।

कर्तव्य पथ पर भव्य आयोजन

गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह सुबह 10:30 बजे शुरू होगा और लगभग 90 मिनट तक चलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पारंपरिक बग्गी में मुख्य अतिथियों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं।

इस अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दी श्रद्धांजलि

समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। उन्होंने देश के लिए बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को नमन किया और उनकी स्मृति को नमन किया।

परेड में दिखी सैन्य शक्ति और स्वदेशी तकनीक

परेड का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल भावनिश कुमार ने किया। इस वर्ष पहली बार भारतीय सेना ने चरणबद्ध ‘बैटल ऐरे फॉर्मेट’ में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया, जिसमें थल, जल और वायु सेना के तत्व शामिल रहे।

परेड में आधुनिक सैन्य वाहनों और स्वदेशी रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन किया गया, जिससे भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता का परिचय मिला।

सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी

गणतंत्र दिवस को लेकर देशभर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। विशेष रूप से भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल को मिली खुफिया जानकारी के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई।

सीमा से सटे इलाकों में सड़कों, जंगलों, जल क्षेत्रों और पगडंडियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी गई। एसएसबी की 42वीं वाहिनी के कमांडर गंगा सिंह उदावत ने बताया कि जवान पूरी मुस्तैदी से तैनात रहे।

देशभर में दिखा उत्साह

इस गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराया और देशभक्ति गीतों के माध्यम से उत्सव मनाया।

हर वर्ग के नागरिकों ने इस राष्ट्रीय पर्व को एकता, सम्मान और गर्व के प्रतीक के रूप में मनाया।

राष्ट्रीय एकता का प्रतीक

77वां गणतंत्र दिवस देश की लोकतांत्रिक परंपराओं, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बनकर सामने आया। यह दिन हर भारतीय को अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की याद दिलाता है।

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