ISS पर जाने वाला पहला भारतीय कौन:- भारत के अंतरिक्ष इतिहास में नया अध्याय जोड़ने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश के सर्वोच्च वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है आपको बतादे की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजधानी के कर्तव्य पथ पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय है जो ISS स्भांटेशन पैर गए और वह रुके आपको बतादे शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर रहते हुए भारत के लिए कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोगों का नेतृत्व किया। और वो किया था वो था इन प्रयोगों में अंतरिक्ष में रक्त संबंधी अध्ययन, हृदय स्वास्थ्य पर शोध, माइक्रोग्रैविटी में धातुओं का व्यवहार और जैविक परीक्षण शामिल रहे। इन शोधों से गगनयान जैसे भविष्य के मानव मिशनों की सुरक्षा और तकनीकी तैयारियों को नई दिशा मिली है।
ISS तक पहुंचने वाले पहले भारतीय
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने जून 2025 में एक्सिओम मिशन-4 के तहत 18 दिनों तक अंतरिक्ष में रहकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। इससे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत मिशन के माध्यम से अंतरिक्ष यात्रा की थी।
एक्सिओम-4 मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला ने पायलट के रूप में अहम जिम्मेदारी निभाई। यह मिशन अमेरिका की निजी कंपनी एक्सिओम स्पेस द्वारा संचालित किया गया था, जिसमें नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और इसरो की भागीदारी रही।
वायुसेना से अंतरिक्ष तक का सफर
आपको बतादे की एक अनुभवी फाइटर पायलट के रूप में शुभांशु शुक्ला के पास दो हजार घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। और यह बढ़ी ख़ास बात है और उन्होंने सुखोई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक और एएन-32 जैसे कई आधुनिक विमानों को सफलतापूर्वक उड़ाया है।
उनकी उड़ान क्षमता, तकनीकी समझ और अनुशासन ने उन्हें अंतरिक्ष मिशन के लिए एक आदर्श उम्मीदवार बनाया। अंतरिक्ष में किए गए उनके प्रयोगों को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय ने भी सराहा है।
प्रारंभिक जीवन और प्रेरणा
शुभांशु शुक्ला का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को लखनऊ उत्तर प्रदेश में हुआ था। बचपन से ही उनमें देशसेवा और अनुशासन के प्रति गहरी रुचि रही है । सैन्य परिवेश और वायुसेना के कार्यक्रमों से प्रेरित होकर उन्होंने फाइटर पायलट बनने का लक्ष्य तय किया।
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कारगिल युद्ध और वायुसेना के एयर शो से प्रभावित होकर उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश के लिए आवेदन किया। जून 2006 में उन्हें भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त हुआ।
देश के लिए प्रेरणा बने शुभांशु
शुभांशु शुक्ला की यह उपलब्धि भारत की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमता और वैश्विक मंच पर मजबूत होती पहचान का प्रतीक है। अशोक चक्र सम्मान के साथ उनका नाम उन वीरों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने राष्ट्र के गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है और यह संदेश देती है कि समर्पण, मेहनत और देशभक्ति से हर सपना साकार किया जा सकता है।
