कॉल्स, ईमेल और चिट्ठियां:- चंडीगढ़ और पंजाब में भाजपा नेताओं को पिछले कुछ दिनों से लगातार धमकी भरे कॉल्स, ईमेल और गुमनाम चिट्ठियां मिलने की जानकारी सामने आई है। इन संदेशों में पाकिस्तान (+92) कोड वाले नंबरों से भी संपर्क किए जाने का दावा किया जा रहा है। इस पूरे मामलेe को लेकर भाजपा नेताओं ने चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस को औपचारिक रूप से शिकायत दी है।

सूत्रों के अनुसार, चंडीगढ़ और लुधियाना स्थित भाजपा कार्यालयों में कई बार ऐसे संदिग्ध पत्र और संदेश पहुंचे हैं, जिनमें नेताओं को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है। कुछ मामलों में तो नेताओं को ग्रेनेड हमले जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर डराने की कोशिश की गई है।

एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने बताया कि संगठन के कुछ पदाधिकारियों को भी पहले इसी तरह के धमकी भरे पत्र मिले थे, जिसके बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी गई थी। अब लगातार मिल रही ऐसी +घटनाओं ने पार्टी नेताओं की चिंता बढ़ा दी है।

सिर्फ कॉल्स ही नहीं, बल्कि “टूल किट” के जरिए भी कुछ नेताओं को टारगेट किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि इस संबंध में पुलिस की जांच जारी है और अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

चंडीगढ़ सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर हाल ही में हुई एक घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। इस घटना के बाद पार्टी नेताओं ने आशंका जताई है कि यह सिलसिला पहले से चली आ रही धमकियों से जुड़ा हो सकता है।

पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया ने इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए कहा कि पंजाब में जिस तरह पहले आतंकवाद का दौर देखा गया था, उसी तरह अब गैंगस्टर गतिविधियों का असर धीरे-धीरे चंडीगढ़ तक दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि पहले भी उनके घर पर हमला हो चुका है, ऐसे में इस तरह की घटनाएं बेहद गंभीर हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि पंजाब में पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है, जिससे कुछ असामाजिक तत्व असहज होकर इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। पार्टी के नेताओं ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों की जल्द पहचान की मांग की है।

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पंजाब सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि राज्य में लगातार हो रही घटनाएं—चाहे वह धार्मिक मूर्तियों से जुड़ा मामला हो या सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले—प्रदेश की स्थिति पर गंभीर चिंता पैदा करती हैं।

फिलहाल पुलिस सभी धमकी भरे कॉल्स, ईमेल और पत्रों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा समीक्षा भी की जा रही है।

इस बीच भाजपा के कई नेताओं ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी उठाई है, जबकि प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है।

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