आखिर हमारे देश में ऐसा कब तक होता रहेगा कुछ लोगों द्वारा जब हजारों लोग रोज़ साइबर फ्रौड का शिकार होंगें आपको बता दें फिर एक और मामला दिल्ली से सामने आया है जहाँ पर दिल्ली पुलिस ने देशभर में फैले एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करते हुए करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है।

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 40 करोड़ के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़, 89 आरोपी पुलिस के शिकंजे में

आपको बता दें राजधानी समेत कई राज्यों में सक्रिय इस साइबर नेटवर्क के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने 89 लोगों पर कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए करीब 40 करोड़ रुपये के साइबर अपराध को अंजाम दिया जा रहा था।

पुलिस ने इस ऑपरेशन के दौरान न सिर्फ कई आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि करोड़ों की संभावित ठगी को भी रोका और पीड़ितों की रकम वापस दिलाने में सफलता हासिल की।

अप्रैल भर चला विशेष अभियान

आपको बता दें दिल्ली पुलिस की साइबर सेल द्वारा अप्रैल महीने के दौरान व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर साइबर अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक कुल अभी तक 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 54 अन्य संदिग्धों को नोटिस जारी कर पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।

इस अभियान के दौरान साइबर ठगी से जुड़े 34 बड़े मामलों को भी सुलझाने का दावा किया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई केवल दिल्ली तक सीमित नहीं थी, बल्कि कई राज्यों में फैले नेटवर्क को ट्रैक कर अंजाम दी गई।सभी ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए JKS TV NEWS के Facebook, WhatsApp और Telegram चैनल को अभी ज़रूर जॉइन करें।

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कई राज्यों में फैला था साइबर नेटवर्क

अब सबसे जानने वाली बात यह की आखिर यह साइबर नेटवर्क किन किन राज्यों में फेला हुआ था आपको बता दें जांच में सामने आया कि यह गिरोह दिल्ली के अलावा झारखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में सक्रिय था। आरोपी अलग-अलग राज्यों से लोगों को निशाना बनाकर ऑनलाइन फ्रॉड को अंजाम देते थे।

पुलिस ने छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण और नकदी बरामद की। जब्त सामान में शामिल हैं:

  • ₹14.18 लाख नकद
  • 359 सिम कार्ड
  • 218 एटीएम कार्ड
  • 88 मोबाइल फोन
  • साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई डिजिटल डिवाइस

अधिकारियों के अनुसार इन उपकरणों का इस्तेमाल फर्जी बैंक खाते, फर्जी पहचान और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए लोगों को ठगने के लिए किया जाता था।

लोगों के करोड़ों रुपये बचाने में भी मिली सफलता

यह बहुत खुशी की बात है की दिल्ली पुलिस ने इस अभियान के दौरान केवल अपराधियों को पकड़ने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि कई पीड़ितों की रकम भी सुरक्षित करवाई यह बात लोगों और दिल्ली पुलिस के लिए भी बहुत सराहनीय है।

आपको बता दें पुलिस के अनुसार लगभग ₹1.11 करोड़ की संभावित साइबर ठगी को समय रहते रोक दिया गया। इसके अलावा अदालत के आदेश के बाद करीब ₹51.95 लाख की रकम पीड़ितों को वापस दिलाई गई है।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में पीड़ितों को पैसे वापस मिलना आसान नहीं होता, इसलिए यह कार्रवाई काफी अहम मानी जा रही है।

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करमपुरा से चल रहा था ‘म्यूल अकाउंट सिंडिकेट’

आपको बता दें जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने एक बड़े “म्यूल अकाउंट सिंडिकेट” का भी खुलासा किया, जो पश्चिमी दिल्ली के करमपुरा इलाके से संचालित हो रहा था। पुलिस के मुताबिक यह नेटवर्क करीब 40 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड से जुड़ा हुआ था।

आरोपियों ने “DL Office” नाम का एक व्हाट्सऐप ग्रुप बना रखा था, जिसके जरिए OTP शेयरिंग नेटवर्क चलाया जाता था। इस नेटवर्क का इस्तेमाल फर्जी बैंक खातों को संचालित करने और साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने में किया जाता था।

पुलिस के अनुसार म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं जिन्हें अपराधी दूसरों के नाम पर इस्तेमाल कर अवैध पैसों के लेन-देन के लिए उपयोग करते हैं। इससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

फर्जी डेटिंग और क्रिप्टो फ्रॉड गैंग का भी खुलासा

आपको बता दें दिल्ली पुलिस ने एक अन्य बड़े साइबर रैकेट का भी पर्दाफाश किया है, जो फर्जी डेटिंग और क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर लोगों को जाल में फंसाता था और उनसे हजारों रूपए लूट लेता था।

जांच एजेंसियों के अनुसार यह गिरोह Telegram के जरिए “हनीट्रैप” स्कीम चलाता था। आरोपी पहले लोगों से दोस्ती करते, फिर उन्हें फर्जी निवेश योजनाओं में पैसा लगाने के लिए उकसाते थे।

ठगी से जुटाई गई रकम को बाद में USDT जैसी क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया जाता था ताकि पैसों की ट्रैकिंग मुश्किल हो सके।

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अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी आशंका

गहरी जांच के दौरान पुलिस को कुछ डिजिटल सबूत ऐसे मिले हैं जो इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की ओर इशारा करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक कुछ गतिविधियों का लिंक अफ्रीका स्थित IP एड्रेस से जुड़ा मिला है।

इससे यह आशंका जताई जा रही है कि साइबर ठगी का यह नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि विदेशी नेटवर्क के साथ मिलकर काम कर रहा था।

पुलिस फिलहाल इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य जुड़े आरोपियों की तलाश जारी है।

लगातार बढ़ रहे हैं साइबर अपराध

आपको बता दें देशभर में तेजी से बढ़ते डिजिटल लेन-देन के साथ साइबर अपराध के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। फर्जी कॉल, निवेश स्कैम, OTP फ्रॉड, डेटिंग ऐप स्कैम और क्रिप्टो ठगी जैसे मामलों में लोगों को बड़े स्तर पर निशाना बनाया जा रहा है जिससे कई लोगों का आर्थिक नुकसान भी हो रहा है ।

विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को किसी भी अनजान लिंक, कॉल, निवेश ऑफर या OTP शेयरिंग से बचना चाहिए। साथ ही संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करना चाहिए।

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दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है। करोड़ों रुपये के नेटवर्क को ध्वस्त करने के साथ-साथ पीड़ितों की रकम बचाना और अंतरराज्यीय गिरोहों तक पहुंचना इस ऑपरेशन की बड़ी उपलब्धि है।

हालांकि जांच एजेंसियों का मानना है कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए आम लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

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