पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल चल रहा है ऐसे में माहौल तेजी से गरमाता जा रहा है और दूसरे चरण के मतदान से पहले राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर है। कृष्णानगर में आयोजित एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि इस बार राज्य में चुनावी माहौल पहले के मुकाबले अधिक शांतिपूर्ण है और जनता बदलाव के मूड में नजर आ रही है।

चुनावी हिंसा पर पीएम मोदी का बड़ा दावा
आपको बता दें पशिम बंगाल में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले कई दशकों की तुलना में इस बार पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा में उल्लेखनीय कमी देखने को मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले के चुनावों में हिंसा आम बात थी और कई मामलों को आत्महत्या बताकर छिपा दिया जाता था।
आपको बता दें उनका कहना था कि राज्य में लंबे समय तक “गुंडाराज” का माहौल बना रहा, लेकिन अब परिस्थितियां पूरी तरह से बदलती दिख रही हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने में आयोग ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
‘भय से भरोसे’ की ओर बढ़ रहा बंगाल
आपको बता दें प्रधानमंत्री ने कृष्णानगर की रैली में मौजूद हजारों लोगों के उत्साह को बदलाव का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में अब डर का माहौल कम हो रहा है और जनता का भरोसा पूरी तरह से मजबूत हो रहा है।
उनके अनुसार, अब वर्षों से दबे हुए लोगों की आवाज अब खुलकर सामने आ रही है। गांव-गांव और शहरों में हर वर्ग—महिलाएं, युवा, बुजुर्ग—अपनी बात मजबूती से रख रहे हैं।
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‘झालमुड़ी’ वाले बयान से साधा निशाना
पशिचम बंगाल में अपने इस भाषण के दौरान पीएम मोदी ने एक हल्के-फुल्के अंदाज में TMC पार्टी पर तंज कसते हुए कहा, “झालमुड़ी मैंने खाई, लेकिन मिर्ची TMC को लग गई।”
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में लोगों के बीच तृणमूल कांग्रेस के नेताओं, मंत्रियों और स्थानीय नेटवर्क के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है। उनका दावा था कि कई जिलों में पार्टी का खाता तक खुलना मुश्किल हो सकता है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम के बाद भाजपा की जीत का जश्न मनाया जाएगा, जिसमें मिठाइयों के साथ झालमुड़ी भी बांटी जाएगी।
‘जंगलराज’ के खिलाफ जनता का वोट
आपको बता दें प्रधानमंत्री मोदी ने इस चुनाव को जनता का चुनाव बताते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी एक नेता या पार्टी की नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के लोगों की है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह 15 साल पहले वाम दलों के खिलाफ जनता ने आवाज उठाई थी, उसी तरह अब लोग तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ खड़े हो रहे हैं।
पीएम मोदी के अनुसार, राज्य के अलग-अलग वर्ग—
- किसान
- सरकारी कर्मचारी
- डॉक्टर और वकील
- शिक्षक और छात्र
- छोटे व्यापारी और परिवहन से जुड़े लोग
सभी भयमुक्त वातावरण और बेहतर व्यवस्था की उम्मीद में मतदान कर रहे हैं।
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TMC सरकार पर गंभीर आरोप
आपको बता दें प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में किए गए अधिकांश वादे पूरे नहीं हुए हैं।
उन्होंने पशिम बंगाल के नगरपालिकाओं में कथित भ्रष्टाचार और “लूट मॉडल” का जिक्र करते हुए कहा कि आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि राज्य के कई हिस्सों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति खराब है और लोग बदलाव चाहते हैं।
रिकॉर्ड मतदान का संकेत
आपको बता दें प्रधानमंत्री ने मतदाताओं की अपनी बढ़ती भागीदारी को सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल की वोटिंग प्रतिशत पिछले रिकॉर्ड के मुकाबले इस बार बहतु ज़बरदस्त आएगा।
उन्होंने सरकारी कर्मचारियों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की भी सराहना की, जिन्होंने निष्पक्ष चुनाव कराने में योगदान दिया।
क्यों अहम है कृष्णानगर
अखिर क्यों अहम माना जा रहा है कृष्णानगर पश्चिम बंगाल का यह चुनाव कृष्णानगर पश्चिम बंगाल की उन महत्वपूर्ण सीटों में से एक है, जहां चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। यहां का राजनीतिक रुझान अक्सर राज्य के व्यापक माहौल का संकेत देता है, इसलिए सभी प्रमुख दलों की नजर इस क्षेत्र पर टिकी हुई है।
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कृष्णानगर की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। उनके बयान न केवल चुनावी माहौल को और तेज करते हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि इस बार मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है।
अब देखना यह होगा कि जनता का रुझान किस दिशा में जाता है और आने वाले परिणाम राज्य की राजनीति को किस तरह प्रभावित करते हैं।
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