PM Modi-Lavrov Meeting:- में गुरुवार को एक अहम कूटनीतिक मुलाकात देखने को मिली, जब भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब दुनिया यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर लगातार चिंता में है।

रूसी विदेश मंत्री लावरोव भारत में आयोजित BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर भारत-रूस संबंधों, वैश्विक सुरक्षा और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में सबसे ज्यादा फोकस यूक्रेन और पश्चिम एशिया की स्थिति पर रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर भारत का वही रुख दोहराया, जिसे दुनिया पिछले कुछ वर्षों से सुनती आ रही है — “युद्ध नहीं, संवाद ही समाधान है।” पीएम मोदी ने साफ कहा कि किसी भी संघर्ष का स्थायी हल बातचीत और कूटनीति के जरिए ही निकाला जा सकता है।

आज जब दुनिया दो बड़े युद्ध जैसे हालातों के बीच खड़ी है, ऐसे में भारत खुद को केवल एक दर्शक नहीं बल्कि शांति की आवाज के रूप में पेश कर रहा है। यही वजह है कि भारत की हर बड़ी कूटनीतिक बैठक पर पूरी दुनिया की नजर रहती है।

सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी बातचीत हुई। रूस ने भारत के साथ अपने रिश्तों को “विशेष और भरोसेमंद साझेदारी” बताया। वहीं भारत ने भी साफ संकेत दिए कि बदलती वैश्विक राजनीति के बीच रूस के साथ उसके संबंध मजबूत बने रहेंगे।

रूसी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को दिसंबर 2025 में हुए भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद दोनों देशों के बीच हुई प्रगति की जानकारी भी दी। उस शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin की मुलाकात ने दुनियाभर का ध्यान खींचा था।

मुलाकात के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने लावरोव के जरिए राष्ट्रपति पुतिन को अपनी शुभकामनाएं भी भेजीं। यह केवल एक औपचारिक संदेश नहीं था, बल्कि भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे भरोसे और रिश्तों का प्रतीक भी माना जा रहा है।

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लेकिन इस मुलाकात के बाद कई बड़े सवाल भी उठ रहे हैं —
क्या भारत आने वाले समय में रूस और पश्चिमी देशों के बीच संतुलन बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा?
क्या यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत की “डिप्लोमैटिक न्यूट्रल” नीति आगे भी कायम रहेगी?
और क्या BRICS मंच अब दुनिया की नई शक्ति बनता जा रहा है?

दुनिया तेजी से बदल रही है, गठबंधन बदल रहे हैं, लेकिन भारत अपनी “बातचीत और संतुलन” वाली नीति पर लगातार कायम दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि आज भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि वैश्विक कूटनीति का अहम केंद्र बनता जा रहा है।